
अलवर शहर में जगह-जगह भिक्षावृत्ति रोकने के लिए बैनर लग रहे हैं, जबकि यहां भिक्षा मांग रही महिला को किसी ने पुलिस वर्दी जैसी शर्ट दे दी। हो सकता है इस महिला को यह मालूम ना हो कि वर्दी किसकी है, जबकि जिनकी जिम्मेदारी है वह भी पीछे मौन नजर आ रहे हैं। वर्दी के प्रति लोगों में स्वाभाविक सम्मान रहता है। ऐसे में दिनदहाड़े वर्दी का मखौल उड़ाना क्या ठीक है…? महिला त्रिपोलिया में खड़ी थी, जब संवाददाता ने उसका फोटो लिया।