
अकबरपुर/मालाखेड़ा/थानागाजी. अलवर जिले का लोक देवता भर्तृहरि बाबा का भर मेला बुधवार को भरा। इसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मेले की बीच हुई बरसात से मौसम सुहाना हो गया। भर्तृहरि मेले के अवसर पर बाबा की घर-घर में जोत देखी गई। कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की व्यवस्था भी चाकचौबंद रही।
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भरने वाले इस मेले में आस्था का सैलाब उमडा। मेले में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। रोड के दोनों और नटनी का बारा से ही श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए भंडारे और प्याऊ लगाई गई, जिसमें रात को भी श्रद्धालु रुके। मेले को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर में बाबा की ज्योत देखी गई। दाल बाटी चूरमा का प्रसाद चढ़ाया।
प्रशासन व्यवस्था रही चाकचौबंद, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे जवान
मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रही। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात रहे। कुशालगढ़ तिराहे से जयपुर, थानागाजी जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया। मेला कमेटी की ओर से करीब 50 वॉलीटिंयर मेला की व्यवस्था के लिए लगाए गए। मेले में आए पप्पू योगी, हर फूल गुर्जर, नरेश योगी आदि श्रद्धालुओं का कहना था कि भर्तृहरि बाबा के दर्शन कर मन को सुकून मिला।
उज्जैन के थे राजा, सबसे पहला मेला माना गुजरी ने भरवारा था
बाबा भर्तृहरि उज्जैन के राजा थे। उन्होंने अपना राजपाठ त्याग कर सरिस्का के जंगल में तपस्या की थी और यहीं पर समाधि ली थी। आज भी अखंड ज्योत जलती है और मेला मेला भरता है। दूध, घी, दाल, बाटी, चूरमा का भोग लगाया जाता है। बताया जाता है सबसे पहला मेला माना गुजरी ने भरवारा था। उसके बाद मेला वर्तमान में माधोगढ़ ग्राम पंचायत और प्रशासन के सहयोग से भरा जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में हरियाणा, यूपी, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित देशभर से श्रद्धालु आते हैं। भर्तृहरि बाबा के वैसे साल में दो बार मेले भरे जाते हैं। जहां भादो मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रशासन के सहयोग से माधोगढ़ ग्राम पंचायत की ओर से मेला भरवारा जाता है। एक गर्मियों में वैशाख में मेला भरता है, जो छोटा मेला होता है।
1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी रहे तैनात
ग्रामीण सीओ डॉ. पूनम ने बताया मेले में 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। जिनमें दो एडिशनल एसपी, 10 डीएसपी, चार इंस्पेक्टर, 8 सब इंस्पेक्टर के साथ हैडकांस्टेबल, कांस्टेबल और 200 से अधिक महिला कांस्टेबल शामिल रहे। भर्तृहरि मेल को 6 सेक्टर में डिवाइड किया है। 6 सेक्टर में माकूल व्यवस्था रही है। मेला मजिस्ट्रेट देवीसिंह, सहायक मेला मजिस्ट्रेट मेगा मीणा तथा एडिशनल एसपी, डीएसपी डॉ. पूनम यातायात व्यवस्था के लिए पूरी निगरानी में रहे। मेला कमेटी के सुशीला देवी, पेमाराम, पदमचंद व अन्य कर्मचारी मेला स्थल पर सफाई, लाइट तथा अन्य व्यवस्था की गई।
वाहनों को किया डायवर्ट
बड़े वाहनों को भूगोर तिराहे से ही डायवर्ट किया गया और भर्तृहरि की तरफ नहीं आए। पांडुपोल से टहला के लिए जाते हैं तो वहां भी रास्ता खराब है, जिससे श्रद्धालु टहला होते हुए पांडुपोल नहीं जाए।
पार्किंग की अलग व्यवस्था
पार्किंग व्यवस्था कार, मोटरसाइकिल और बसों के लिए अलग-अलग बनाई गई। श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया जाता रहा कि कानूनी व्यवस्था की पालना करें।
महिलाओं ने हिंगुल, बिंदी, काजल, टीकी खरीदी
योगीराज भर्तृहरि के दर पर श्रद्धालु सत्संग करते हुए पहुंचे और मन्नत मांगी। सुख-समृद्धि की कामना की। भाद्र शुक्ल पक्ष अष्टमी को ग्रामीण क्षेत्र में जोत देखी गई और बाबा के भजन गाए गए। नाथ जोगी संप्रदाय के व्यक्ति को घर बुलाकर भोजन कराया और श्रद्धा अनुसार भेंट भी दी गई। सुहागन महिलाओं ने श्रृंगार के लिए हिंगुल, बिंदी, चूड़ी खरीद कर बाबा को अर्पण की। श्रृंगार का सामान खरीदा। महिलाओं ने घरेलू सामान भी खरीदा।
अमर गंगा में किया स्नान
धाम पर अविरल बह रही अमर गंगा में लोगों ने स्नान किया। बाबा के प्रसाद अर्पित किया। नई दिल्ली, हरियाणा से आई महिला श्रद्धालुओं ने बताया इस बार रास्ते में टूटी सड़क पर परेशानी हुई। उनकी चौथी पीढ़ी है जो बाबा के दर पर आ रही है।