बडौदामेव. कस्बे में जयपुर से आई खाद्य सुरक्षा विभाग की केंद्रीय टीम ने नकली पनीर बनाने की फैक्ट्री को पकड़ा है। यह नकली पनीर बड़ौदामेव के अलावा अलवर, दिल्ली, जयपुर हरियाणा में शादी पार्टियों में सप्लाई किया जाता है। केंद्रीय टीम ने 40 से 50 पाम ऑयल, 4 से 5 मिल्क पाउडर, एक कट्ठा चुना का पैकेट, केमिकल, को बरामद कर सीज किया है।
केंद्रीय टीम के एफएसओ देवेंद्रसिंह राणावत ने बताया कि शुद्ध आहार मिलावट पर कार्रवाई करते हुए बड़ौदामेव नकली पनीर तैयार करने के इनपुट मिले थे। नकली पनीर की फैक्ट्री पर सुबह 11 बजे रेड डाली। रेट डालने से पूर्व पनीर से भरी एक गाड़ी निकल गई थी। बाकी जो पनीर बचा था, उसकी सैंपलिंग कर ली। फैक्ट्री मालिक के घर पर गोदाम होने की सूचना मिली। जिस पर लगभग 5 घंटे इंतजार के बाद लॉक को तोड़ा गया, जहां पर भारी मात्रा में नकली पनीर बनाने का सामान मिला। जो पनीर था, उसकी सैंपलिंग की है। जांच के लिए भिजवाया जाएगा। नकली पनीर बनाने के उपयोग में लिए गए सामान को भी सील करवाया जा रहा है। देर रात तक नकली पनीर की फैक्ट्री पर कार्रवाई जारी रही। कार्रवाई में केंद्रीय टीम जयपुर से अमित शर्मा और अलवर से भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौजूद रही।
जांच से हमें कौनसी फांसी होगी :
आम जनता को पनीर के रूप में जहर परोस रहे कारोबारी के हौसले इतने बुलंद है कि केंद्रीय टीम के अधिकारियों से कहा कि आप जांच कर लो हमें कौन सा फांसी होगी। दरअसल फैक्ट्री मालिक के घर पर 5 घंटे की मशक्कत के बाद जब केंद्रीय टीम ने लोक को तुड़वाया तो उसके बाद फैक्ट्री से जुड़े लोगों ने केंद्रीय टीम के अधिकारी से कहा कि आप जांच कर लो। जांच में हम कौन सी आप फांसी करवा दोगे। नकली पनीर के कारोबारी के इस सवाल पर जब केंद्रीय टीम के अधिकारी से बात की तो अधिकारी देवेंद्र सिंह रतनावत ने कहा कि इन लोगों के हौसले बुलंद है। हमने सैंपल कलेक्ट कर लिए हैं। जांच के लिए भी भेजेंगे। अनियमितता पाई जाने पर जेल भी होगी।
अलवर खाद सुरक्षा विभाग ने एक वर्ष पूर्व लिए सैंपल भी हुए थे फेल
मौके पर पहुंचे अलग-अलग खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना था कि उनकी ओर से 1 वर्ष पूर्व भी नकली पनीर का सैंपल लिया था जो कि फेल हो गए थे। उनकी ओर से उच्च न्यायालय में परिवाद दे रखा है।
ऐसे करते हैं मिलावट
केंद्रीय टीम के अधिकारी देवेंद्रसिंह बताया कि गोदाम पर गैस सिलेंडर भी बरामद किया गया। पॉम तेल को गर्म कर उसमें चूना मिलाते हैं। इसके बाद यह लोग नकली पनीर तैयार करते हैं, जो कि आम जन की जान के लिए खतरा है। अगर कोई व्यक्ति एक साल तक इस पनीर का सेवन कर लेता है तो उसको कैंसर से भी ज्यादा घातक बीमारी हो सकती है। केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने बताया कि जब वह सुबह फैक्ट्री पर पहुंचे और नकली पनीर पकड़ा तो कई नेताओं से भी फोन करवाए गए और फैक्ट्री पर कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही।
यहां चल रही है पनीर की फैक्ट्रियां :
बडौदामेव में रतनकुंज, मीनापुरा, भटपुरा, बेढ़ा, जुगरावर, भयाडी के भारी मात्रा में नकली पनीर बनाया जा रहा है। जिसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के जरिए चार-पांच राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर 9000 किलो पनीर भी नष्ट किया था।
हम प्रभावी कार्रवाई करवाएंगे
चूना मिलाकर पनीर बना रहे थे। जांच के बाद प्रभावी कार्रवाई करेंगे अनसेफ और फैलियर दो कार्रवाई होती है। जिसमें एक कार्रवाई में पेनल्टी का प्रावधान है। दूसरे में सजा का प्रावधान है। हम प्रभावी कार्रवाई करवाएंगे। जिससे कि लोगों को जहर ना भरोसा जा सके और इस तरह के नकली कारोबार पर रोक लगा सके।
देवेंद्रसिंह रतनावत एफएसओ केंद्रीय टीम, जयपुर।