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आज का पंचांग, शुक्रवार, 14 नवम्बर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

शुक्रवार, 14 नवम्बर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Nov 14, 2025

🌟(आज का पंचांग – शुक्रवार, 14 नवम्बर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 22 जमादि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत ऋतु
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 10:51 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 12:11 से 1:32 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 4:12 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – दशमी तिथि रात्रि 12:50 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 10:30 से 12:00 तक रहेगा।

नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 9:21 तक होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा।
योग – वैधृति योग प्रातः 6:26 तक रहेगा तदुपरान्त विष्कुम्भ योग रहेगा।
करण – वणिज करण दिन 12:12 तक रहेगा तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि 9:21 तक,
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 12:12 से रात्रि 12:50 तक, बुध अस्त पश्चिम में दिन 1:28 पर. पं. जवाहर लाल नेहरु जयंती, बाल दिवस, वैधृति पुण्यं, भगवान महावीर तप कल्याणक दिवस (जैन),

चन्द्रमा – आज प्रातः 3:51 तक सिंह राशि में होगा तदुपरान्त कन्या राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज प्रातः 3:51 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि सिंह होगी तदुपरान्त कन्या राशि होगी। आज रात्रि 9:21 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर टा, टी, टू, टे, टो पर रखे जा सकते हैं।

सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं। ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता है। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है। जातक बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाला, शीघ्र उत्तेजित हो जाने की प्रकृति होने पर भी अपने बुद्धि-चातुर्य से स्थिति को संभाल लेने वाला होता हैं।

कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्