🌟(आज का पंचांग – बुधवार, 17 सितम्बर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 24 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:19 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 10:50 से 12:21 तक रहेगा। चर, लाभ के चौघड़िये क्रमशः 3:24 से सूर्यास्त तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – एकादशी तिथि रात्रि 11:40 तक होगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12:00 से 1:30 तक
नक्षत्र – पुनर्वसु नक्षत्र प्रातः 6:26 तक रहेगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा।
योग – परिघ योग रात्रि 10:55 तक रहेगा तदुपरान्त शिव योग रहेगा।
करण – बव करण दिन 12:01 तक तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – कुमारयोग प्रातः 6:26 तक, राजयोग रात 11:40 से सू्योदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – इन्दिरा एकादशी व्रत, एकादशी का श्राद्ध, विश्वकर्मा पूजा, सूर्य कन्या संक्रांति का पुण्यकाल पूर्वाह्न में,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कर्क राशि में होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी। आज प्रातः 6:26 तक पुनर्वसु नक्षत्र होगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ही, हु, हे, हो, डा पर रखे जा सकते हैं।
कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं। यह जल प्रधान राशि है। ये बहुत भावुक होते हैं। भावनाओं के आवेग में बहने के कारण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं। सुन्दर व आकर्षक होते है। व्यवहार मिलनसार होता है। कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं। ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्