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Dasha Mata Muhurat 2026 : दशा माता पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 तक, जानिए कैसे होती है पूजा

Dasha Mata Ki Katha : दशा माता व्रत 2026 कब है? जानें 13 मार्च की सही तारीख, पूजा विधि, मुहूर्त, पीपल पूजा की परंपरा और इस व्रत का धार्मिक महत्व।

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भारत

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Manoj Vashisth

Mar 13, 2026

Dasha Mata Muhurat 2026

Dasha Mata Muhurat 2026 : दशा माता व्रत 2026: पीपल के पेड़ की पूजा और 10 धागों का रहस्य क्या है? (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Dasha Mata Muhurat 2026 : दशा माता व्रत, हिंदू संस्कृति में एक खास दिन है। ये चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की दशमी को आता है। लोग मानते हैं कि इस दिन दशा माता की पूजा करने से दुख-दरिद्रता और बुरी किस्मत दूर हो जाती है। ज्यादातर शादीशुदा औरतें ये व्रत अपने परिवार की भलाई, घर की सुख-शांति और पैसों की तंगी दूर करने के लिए रखती हैं। माना जाता है कि इस व्रत से बड़ी से बड़ी परेशानी भी दूर हो जाती है और घर में खुशहाली, सौभाग्य और शांति आती है। चलिए जानते हैं कि 2026 में ये व्रत कब है, कैसे करते हैं और क्यों इतना जरूरी है।

2026 में दशा माता व्रत कब है?

इस बार दशा माता व्रत 13 मार्च, 2026 को है। दशमी तिथि सुबह 6:28 बजे शुरू होगी और रातभर चलेगी। सूर्योदय के हिसाब से व्रत 13 मार्च को ही रखा जाएगा। पूजा के लिए सबसे अच्छा समय (अभिजीत मुहूर्त) दोपहर 12:07 से 12:55 तक है, और विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:18 तक रहता है।

दशा माता की पूजा कैसे होती है?

व्रत वाले दिन, शादीशुदा औरतें सुबह जल्दी उठ जाती हैं, नहाती हैं और थोड़ी देर ध्यान करती हैं। फिर वे पूरी श्रद्धा से व्रत रखने का संकल्प लेती हैं। इसके बाद, वे कच्चे सूत के दस धागे लेती हैं, उन्हें हल्दी से रंगती हैं और हर धागे में एक-एक गांठ बांधती हैं। ये पवित्र धागा लेकर वे पीपल के पेड़ के चारों तरफ दस बार घूमती हैं और हर चक्कर में धागा लपेटती हैं। पूजा के बाद यही धागा वे अपने गले में पहन लेती हैं, मानो दशा माता का आशीर्वाद साथ है।

कुछ औरतें इस धागे को सालभर पहनती हैं और बाद में किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देती हैं, तो कुछ अगले ही दिन ऐसा करती हैं। धागा पहनने के बाद, वे दशा माता व्रत की कथा पढ़ती या सुनती हैं। माना जाता है कि पीपल के पेड़ के नीचे पूजा करने से देवी का खास आशीर्वाद मिलता है। पूजा पूरी होने के बाद, वे घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी और सिंदूर लगाती हैं और घर में सुख-शांति की दुआ मांगती हैं।

दशा माता व्रत क्यों रखा जाता है?

हिंदू मान्यता है कि दशा माता व्रत से जिंदगी की परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशियां आती हैं। देवी के आशीर्वाद से सारी मुश्किलें आसान हो जाती हैं। ठीक से पूजा करने से पैसों की तंगी दूर रहती है और घर में बरकत बनी रहती है। कहा जाता है कि ये व्रत परिवार में आपसी प्यार और समझ भी बढ़ाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।