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आज का पंचांग, मंगलवार, 2 सितम्बर, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

मंगलवार, 2 सितम्बर, 2025, : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Sep 02, 2025

(आज का पंचांग – मंगलवार, 2 सितम्बर, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 9 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9:18 से 2:01 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 3:35 से 5:09 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – दशमी तिथि प्रातः 3:53 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 3:00 से 4:30 तक

नक्षत्र – मूल नक्षत्र रात्रि 9:51 तक रहेगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा।
योग – प्रीति योग दिन 4:39 तक रहेगा तदुपरान्त आयुष्मान योग रहेगा।
करण – तैतिल रण दिन 3:18 तक तदुपरान्त गर करण रहेगा।

विशिष्ट योग – गंडमूल रात्रि 9:51 तक, कुमारयोग रात्रि 9:51 तक, रवियोग संपूर्ण दिनरात्रि,

व्रत / दिवस विशेष – रामदेव जयंती, तेजा दशमी, मेला तेजाजी, खेजड़ली शहीद दिवस, मेला खेजड़ली गाँव (जोधपुर), सुगंध धूप दशमी (जैन), दशावतार जयंती व व्रत, मेला सांवलिया सेठ मण्डफिया 3 दिन का प्रारंभ चित्तौडगढ़़ (राज.),

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि धनु राशि में होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी। आज रात्रि 9:51 तक तक मूल नक्षत्र होगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर यो, भ, भी, भू, धा पर रखे जा सकते हैं।

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं, परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। इनमें दुसरो के मनोभावों को जान लेने की विशेष क्षमता होती हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्