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आज का पंचांग, बुधवार, 27 अगस्त, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

बुधवार, 27 अगस्त, 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Aug 27, 2025

(आज का पंचांग – बुधवार, 27 अगस्त, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 3 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:18 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 10:53 से 12:28 तक रहेगा। चर, लाभ के चौघड़िये क्रमशः 3:39 से सूर्यास्त तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – चतुर्थी तिथि दिन 3.45 तक होगी तदुपरान्त पंचमी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक

नक्षत्र – चित्रा नक्षत्र सम्पूर्ण दिन रात्रि होगा।
योग – शुभ योग दिन 12.34 तक रहेगा तदुपरान्त शुक्ल योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 3.45 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – महापात योग प्रातः 7-05 से दिन 11-20 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 3-45 तक, महागणपति चतुर्थी (स्वयं सिद्ध अबझ मु्त्त), मेला गणेश जी मोती डूंगरी मन्दिर जयपुर (राज.), जैन संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष), श्री गणेश जन्मोत्सव प्रारभ (महाराष्ट्), सौभाग्य चतुर्थी (बं.),

चन्द्रमा – आज रात्रि 7.21 तक कन्या राशि में होगा तदुपरान्त तुला राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 7.21 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कन्या होगी तदुपरान्त तुला राशि होगी। आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तक चित्रा नक्षत्र होगा।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर पे, पो, र, री पर रखे जा सकते हैं।

कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्