🌟(आज का पंचांग – मंगलवार, 30 सितम्बर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 7 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9:20 से 1:46 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 3:14 से 4:43 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – अष्ठमी तिथि सायं 6:07 तक रहेगा तदुपरान्त नवमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 3:00 से 4:30 तक
नक्षत्र – पूर्वाषाढा़ नक्षत्र सम्पूर्ण दिन रात्रि होगा।
योग – शोभन योग रात्रि 1:03 तक रहेगा तदुपरान्त अतिगंड योग रहेगा।
करण – बव करण सायं 6:07 तक तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – दुर्गाष्टमी, महाष्टमी, भौमाष्टमी, सरस्वती पूजन, अन्नपू्र्णा परिक्रमा सायं 6:07 पर पूर्ण, मेला दशहरा उत्सव 3 दिन का प्रारंभ कोटा (राज.), मत्स्य उत्सव 2 दिन का शुरु अलवर (राज.), मेला ज्वालामुखी व तारा देवी (हि.प्र.),
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि धनु राशि में होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध उदय पश्चिम में रात्रि 1:17 पर
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी। आज सम्पूर्ण दिन रात्रि पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर भू, धा, फा, ढ़ा पर रखे जा सकते हैं।
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं, परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। इनमें दुसरो के मनोभावों को जान लेने की विशेष क्षमता होती हैं। ऐसे लोग अध्यापक, धर्म-प्रचारक, वकील और पुस्तक का व्यवसाय करने वाले होते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्