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🌟(आज का पंचांग – रविवार, 4 जनवरी, 2026)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 14 रज्जब
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर ऋतु
मास – माघ प्रारम्भ
पक्ष – कृष्ण प्रारम्भ
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज दिन में चर का चौघड़िया 8:38 से 9:56 तक रहेगा। लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9:56 से 12:32 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 1:49 से 3:07 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – प्रतिपदा तिथि दिन 12:30 तक होगी तदुपरान्त द्वितीया तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक
नक्षत्र – पुनर्वसु नक्षत्र दिन 3:11 तक होगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा।
योग – वैधृति योग रात्रि 1:47 तक रहेगा तदुपरान्त विष्कुम्भ योग रहेगा।
करण – कौलव करण दिन 12:30 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
विशिष्ट योग – त्रिपुष्कर योग दिन 12:30 से दिन 3:11 तक, रविपुष्य योग व राजयोग दिन 3:11 से सूर्योदय तक, सर्वार्थ सिद्धि योग दिन 3:11 से प्रारम्भ,
व्रत / दिवस विशेष – वैधृति पुण्यं
चन्द्रमा – आज दिन 9:43 तक मिथुन राशि में होगा तदुपरान्त कर्क राशि में प्रवेश होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – गुरु वक्री पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में प्रवेश सायं 6:45 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 9:43 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मिथुन होगी तदुपरान्त कर्क राशि होगी। आज दिन 3:11 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पुनर्वसु नक्षत्र होगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ह, ही, हु, हे, हो पर रखे जा सकते हैं। मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। मिथुन राशि में जन्मे बच्चे बुद्धिमान, कुशल व्यापारी, गणितज्ञ, चतुर, निडर, अच्छे वक्ता, त्वरित बुद्धि वाले, कलाकार, आत्म केन्द्रित होते हैं।
ये पढ़ाई में अच्छे होते हैं और लेखक, कविताकार और बौद्धिक कार्य करने वाले होते हैं। इनका नरम स्वभाव होने के कारण कमजोर भी समझा जाता हैं, परन्तु तीक्ष्ण बुद्धि तथा तर्क-वितर्क करने में कुशल होते हैं। क्रय-विक्रय, लेखन-पत्र कार्य, एकाउंट्स, बैंकिंग एवं तकनीकी कार्यो में विशेष सफल होते हैं। कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं। यह जल प्रधान राशि है। भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं।
सुन्दर व आकर्षक होते है। व्यवहार मिलनसार होता है। कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं। ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं। ये प्राकृतिक सौंदर्य, कला-संगीत व् साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं। तथा सौंदर्यानुभूति भी विशेष रूप से रखते हैं। ऐसा जातक परिस्थितियों के अनुसार ढ़ल जाने वाला, प्यार सम्बन्धो में सच्चा, ईमानदार और सहृदय-दयालु प्रकृति का होता हैं।
✍️ पं. मुकेश भारद्वाज
📍 ज्योतिर्विद् एवं वास्तुविद्