
Aaj Ka Panchang 12 March : आज का पंचांग 12 मार्च 2026: राहुकाल, शुभ चौघड़िया और दिशा शूल जानें
Aaj Ka Panchang 12 March 2026 : आज का पंचांग 12 मार्च 2026, गुरुवार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज मूल नक्षत्र और सिद्धि योग का विशेष प्रभाव रहेगा। इस दिन भगवान आदिनाथ जयंती और तप कल्याणक दिवस भी मनाया जाएगा, जो जैन धर्म में विशेष महत्व रखता है। आज राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। वहीं कुछ समय ऐसे भी हैं जब शुभ चौघड़िया बन रहे हैं, जिनमें नए कार्य, यात्रा या निवेश करना शुभ माना जाता है।
| चौघड़िया | समय | विशेषता | क्या करें |
|---|---|---|---|
| शुभ | सूर्योदय – 08:12 | अत्यंत शुभ | नए कार्य, पूजा, यात्रा की शुरुआत |
| चर | 11:09 – 12:37 | अच्छा माना जाता है | व्यापारिक काम, मीटिंग, यात्रा |
| लाभ | 12:37 – 02:05 | लाभदायक समय | निवेश, खरीदारी, सौदे |
| अमृत | 02:05 – 03:33 | सबसे उत्तम | शुभ कार्य, मांगलिक कार्य |
| शुभ | 05:01 – सूर्यास्त | मंगलकारी | नया काम शुरू करना, पूजा |
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि दक्षिण दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पहले थोड़ा फलाहार करके या दही सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा.
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – नवमी तिथि अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6.29 तक होगी तदुपरान्त दशमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – मूल नक्षत्र रात्रि 12.44 तक होगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा ।
योग – सिद्धि योग दिन 9.59 तक रहेगा तदुपरान्त व्यतिपात योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण सायं 5.24 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भगवान आदिनाथ जयंती व तप कल्याणक दिवस (जैन), गंडमूल रात्रि 12-44 तक, मूल नक्षत्र धनु राशि में सगाई व टीका का मुहूर्त
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि धनु राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी ।
आज रात्रि 12.44 तक जन्म लेने वाले बच्चों का मूल नक्षत्र होगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर यो, भ, भी, भू पर रखे जा सकते हैं।
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। इनमें दुसरो के मनोभावों को जान लेने की विशेष क्षमता होती हैं। ऐसे लोग अध्यापक, धर्म-प्रचारक, राजनीतिक, वैध-ड़ाक्टर, वकील और पुस्तक का व्यवसाय करने वाले होते हैं। ये दूर की सोच सोचते हैं और भलाई करने में हमेशा तैयार रहते हैं। इस राशि से प्रभावित व्यक्ति में बौद्धिक एवं मानसिक शक्ति प्रबल होती हैं।
Updated on:
11 Mar 2026 12:13 pm
Published on:
11 Mar 2026 12:13 pm
