🌟(आज का पंचांग – शनिवार, 4 अक्टूबर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 11 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 7:52 से 9:20 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:16 से 4:39 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – द्वादशी तिथि सायं 5:10 तक रहेगा तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक
नक्षत्र – धनिष्ठा नक्षत्र दिन 9:09 तक रहेगा तदुपरान्त शतभिषा नक्षत्र होगा।
योग – शूल योग सायं 7:27 तक रहेगा तदुपरान्त गंड योग रहेगा।
करण – बालव करण सायं 5:10 तक तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – द्विपुष्कर योग सूर्योदय से दिन 9:09 तक
व्रत / दिवस विशेष – शनि प्रदोष व्रत, पंचक, ग्यारहवीं शरीफ (मु.),
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कुम्भ राशि में होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कुम्भ होगी। आज दिन 9:09 तक धनिष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त शतभिषा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर गे, गो, सा, सी, सू पर रखे जा सकते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्