(आज का पंचांग – गुरुवार, 4 सितम्बर, 2025)
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 11 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 7:45 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 10:52 से 3:33 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 5:07 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – द्वादशी तिथि रात्रि 4:09 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 1:30 से 3:00 तक रहेगा।
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात्रि 11:44 तक रहेगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा।
योग – सौभाग्य योग दिन 3:22 तक रहेगा तदुपरान्त शोभन योग रहेगा।
करण – बव करण दिन 4:15 तक तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – श्री वामन जयंती, हरिवासराऽभाव, भुवनेश्वरी जयंती, बन बघड़ी (सिंधी समाज का -अबूझ मुहूर्त),
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी। आज रात्रि 11:44 तक तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर भो, ज, जी, खि, खू पर रखे जा सकते हैं।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं, परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं।
पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्