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आज का पंचांग, शनिवार, 6 सितम्बर, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika
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आज का पंचांग, शनिवार, 6 सितम्बर, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

शनिवार, 6 सितम्बर, 2025, : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।
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भारत

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Kamlesh Kholiya

Sep 06, 2025

(आज का पंचांग – शनिवार, 6 सितम्बर, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 13 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 7:45 से 9:19 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:25 से 5:05 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – चतुर्दशी तिथि रात्रि 1:42 तक होगी तदुपरान्त पूर्णिमा तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक

नक्षत्र – धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 10:56 तक रहेगा तदुपरान्त शतभिषा नक्षत्र होगा।
योग – अतिगंड योग दिन 11:52 तक रहेगा तदुपरान्त सुकर्मा योग रहेगा।
करण – गर करण दिन 2:28 तक तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग रात्रि 10:56 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा रात्रि 1:42 से प्रारम्भ, अनन्त चतुर्दशी व्रत, पंचक प्रारंभ दिन 11:21 से, मेला सोढ़ल जालन्धर (पं.), भागवत सप्ताह पूर्ण,

चन्द्रमा – आज दिन 11:21 तक मकर राशि में होगा तदुपरान्त कुम्भ राशि में प्रवेश होगा।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश दिन 4:43 पर, हर्षल वक्री दिन 10:22 पर,

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 11:21 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी तदुपरान्त कुम्भ राशि होगी। आज रात्रि 10:56 तक तक धनिष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त शतभिषा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर गी, गु, गे, गो, सा पर रखे जा सकते हैं।

मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्