🌟(आज का पंचांग – बुधवार, 7 जनवरी, 2026)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 17 रज्जब
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर ऋतु
मास – माघ
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:57 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 11:15 से 12:33 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 3:09 से 4:27 तक रहेगा तथा लाभ का चौघड़िया 4:27 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – पंचमी तिथि सायं 6:34 तक होगी तदुपरान्त षष्ठी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12:00 से 1:30 तक
नक्षत्र – मघा नक्षत्र दिन 11:56 तक होगा तदुपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा।
योग – आयुष्मान योग सायं 6:34 तक रहेगा तदुपरान्त सौभाग्य योग रहेगा।
करण – कौलव करण सायं 6:43 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
विशिष्ट योग – कुमारयोग सूर्योदय से दिन 11:56 तक
व्रत / दिवस विशेष – गंडमूल योग सूर्योदय से दिन 11:56 तक
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि सिंह राशि में होग।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि सिंह होगी। आज दिन 11:56 तक जन्म लेने वाले बच्चों का मघा नक्षत्र होगा तदुपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर मे, मो, टा, टी, टू पर रखे जा सकते हैं।
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं। ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है।
इस राशि में जन्म लेने वाला जातक सुंदर-पुष्ट शरीर वाला, चौड़ा मस्तक, सुगठित, आकर्षक एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला होता हैं। जातक बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाला, पराक्रमी, कुशलनिति के अनुसार आचरण करने वाला, उच्चकांक्षी, खानपान का शौकीन, देश-विदेश में भ्रमण करने वाला, शीघ्र उत्तेजित हो जाने की प्रकृति होने पर भी अपने बुद्धि-चातुर्य से स्थिति को संभाल लेने वाला होता हैं।
✍️ पं. मुकेश भारद्वाज
📍 ज्योतिर्विद् एवं वास्तुविद्