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मंशारामपुरा में डेंगू से युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

डेंगू का नया वायरस बन रहा जानलेवा

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Kashyap Avasthi

Oct 22, 2024

जयपुर . कालवाड़ तहसील के सरना डूंगर पंचायत के मंशारामपुरा गांव में डेंगू ने एक युवक की सांसें छीन ली। डेंगू के नए वायरस से लोग दहशत में हैं। मंशारापुरा गांव में गोवर्धन वाली ढाणी निवासी सुरेश शर्मा (37) पुत्र प्रभु दयाल को बुखार आने पर परिजनों ने जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। लेकिन सुरेश की सेहत में सुधार हो नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। डेंगू से सुरेश की मौत से जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
क्षेत्र में डेंगू व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उपचार और फोगिंग पर ध्यान नहीं दे रहा है जबकि डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। बुखार से सुरेश की मौत के मंशारामपुरा परिजन और आस पास के लोग गमगीन हैं। स्थानीय कालूराम बागड़ा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से गांव में फैल रहे वायरल बुखार और डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। डेंगू से काल कलवित हुए मंशारामपुरा निवासी सुरेश कुमार शर्मा कंप्यूटर इंजीनियर थे और उन्होंने निवारू रोड के पास स्वयं का कंप्यूटर नेटवर्किंग का ऑफिस खोल रखा था।
जालसू ब्लॉक के हदलपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डॉ. नरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि मरीज को शुरुआती दो-तीन में तेज बुखार के बाद लीवर में सूजन आने लगती है जिससे खाना बिल्कुल कम हो जाता है और ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। ज्यादातर मरीज ब्लड थेरेपी और लक्षण रोधी दवाइयां देने के बाद रिकवर हो जाते हैं लेकिन कुछ मरीजों को डेंगू के खतरनाक वेरिएंट जिसमें ब्लड प्रेशर गिरने के साथ हेपेटाइटिस व अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज को जान गंवानी पड़ती है। ऐसा ही मंशारामपुरा के सुरेश कुमार के साथ हुआ।
भर्ती होने के समय यह लक्षण
जब मरीज अस्पताल में भर्ती होता है तो तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी, भूख नहीं लगा सात आठ दिनों तक, परिवर्तित सेंसोरियस तथा चेहरा फीका पड़ना आदि दो दिन यह लक्षण होते हैं। इसलिए इससे बचाव के लिए हर व्यक्ति को तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर उपचार शुरू करवाना चाहिए। सर्दियों के मौसम में कई लोग ठंड और फ्लू के लक्षणों (Cold and flu symptoms) से परेशान रहते हैं, खासकर जब बंद नाक और गले की खराश रातों में सोने में मुश्किल पैदा करती है। लेकिन एक विशेषज्ञ के अनुसार, आपके किचन में मौजूद 5 सामान्य तत्व आपको इन लक्षणों से राहत दिलाने और अच्छी नींद (Good sleep) में मदद कर सकते हैं। अनानास में ब्रोमलेन एंजाइम होता है, जो बलगम और बंद नाक (Cold and cough) को कम करने में मदद करता है। यह सूजे हुए या गले में खराश को भी कम कर सकता है, जिससे आप आराम से सांस ले सकें। केला नींद लाने में मुख्य भूमिका निभाता है क्योंकि इसमें पोटैशियम होता है, जो मांसपेशियों को आराम दिलाने में मदद करता है। साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन बी आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और थकान को दूर करता है।पालक में विटामिन बी होता है, जो मेलाटोनिन के उत्पादन में मदद करता है। मेलाटोनिन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो आपकी नींद को नियंत्रित करता है। बादाम का दूध ट्रिप्टोफैन से भरपूर होता है, जो मेलाटोनिन के उत्पादन में मदद करता है। यह आपको जल्दी सोने और गहरी नींद लेने में मदद कर सकता है।हल्दी अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण आपकी नाक की बंदी और शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।चाय के पेड़ या यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालने से बंद नाक और गले की खराश में राहत मिल सकती है।