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ऐसे ही नहीं मैं किसान कहलाता हूं, विपरीत परिस्थितियों में भी अन्न उगाता हूं…
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ऐसे ही नहीं मैं किसान कहलाता हूं, विपरीत परिस्थितियों में भी अन्न उगाता हूं…

फसल कटाई में जुटे किसान, 60 फीसदी नुकसान के बाद थ्रेसर में से दाना निकलता है तो किसानों के चेहरों पर खुशी झलकने लगती है।

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Narottam Sharma

Apr 09, 2023

जैतपुर खींची. ऐसे ही नहीं मैं किसान कहलाता हूं, विपरीत परिस्थितियों में भी अन्न उगाता हूं… ये लाइनें इस वर्ष फसलों पर सटीक बैठती नजर आ रही हैं। मौसम ने इस बार अनेक विपरीत परिस्थितियां दिखाई हैं, शीतलहर, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर कोढ़ में खाज का काम किया है। अधिकांश किसानों को 60 फीसदी से अधिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में किसान एक-एक दाने को निहारते नजर आए। किसान अब बची हुई फसलों को समेटने में जुटे हुए हैं। ऐसे में एक-एक दाना थ्रेसर मशीन से बाहर निकलता है तो किसान परिवार की आंखें मेहनत को देखकर दमक उठती हैं। जैतपुर खींची में गेहूं निकलते हुए।