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बोरवेल में जिंदगी, सलामती की दुआएं

बच्ची जिंदगी व मौत से कर रही संघर्ष

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कोटपूतली. किरतपुरा की ढाणी बडियावाली में बोरवेल में गिरी बालिका चेतना की जिंदगी से जंग जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन भी कारगर नजर नहीं आ रहा। तीन वर्षीय बालिका गुरुवार को भी बोरवेल में फंसी रही। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार बच्ची को बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं। लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही। जुगाड तंत्र के सहारे शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन कारगर साबित नहीं हुआ तो प्रशासन ने एस्कार्ट कर हरियाणा से पाइलिंग मशीन मंगवाई, लेकिन मशीन की ऊंचाई अधिक होने से इस मुख्य सड़क से मौके तक पहुंचने के लिए चार घण्टे लग गए। बालिका जिस बोरवेल में गिरी है। उसके समीप रात को दस फीट का गहरा गड्ढा बनाकर वहां पाइलिंग मशीन के लिए प्लेटफार्म तैयार किया गया। पाइलिंग मशीन से सुबह बोरवेल के समानान्तर दूसरे बोरवेल की खुदाई शुरू की गई, लेकिन कुछ देर बाद इसे रोक दिया। उसके बाद से मशीन बंद है। फिलहाल जुगाड़ तंत्र के सहारे ही बालिका को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। फरीदाबाद से आई पाइलिंग मशीन का उपयोग नहीं होने से अब 200 फीट गहराई तक वाली पाइलिंग मशीन दौसा से मंगवाई गई है। बताया जा रहा है कि दौसा जिले में गत दिनों बोरवेल में गिरे आर्यन को बाहर निकालने में इस मशीन का उपयोग किया गया था। बालिका की जिंदगी 60 घण्टे बाद भी बोरवेल में फंसी है।