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जयपुर. जयपुर की सांभर झील में कुछ मृत पक्षी पाए जाने के बाद जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पक्षियों के बेहतर एवं प्रभावी संरक्षण के लिए जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर कुंतल बिश्नोई ने अवकाश के दिन रविवार को सांभर झील क्षेत्र में जाकर मौका मुआयना किया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये।
गौरतलब है कि वर्ष 2019-20 में सांभर पक्षी त्रासदी के दौरान कई पक्षियों की मृत्यु हो गई थी। जिला कलेक्टर ने वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग, नगर पालिका संभर लेक, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग वन विभाग पंचायती राज विभाग एवं संभर साल्ट लिमिटेड सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी है।
जिला कलेक्टर ने जिला वन अधिकारी केतन कुमार को सांभर झील में पक्षियों के संरक्षण के लिए नोडल प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन तथा स्थानीय अधिकारियों को प्रतिदिन सांभर झील एवं आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए पाबंद किया है।
सांभर झील में 3 मृत व 4 घायल पक्षी मिले
सांभर क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों के मृत मिलने की सूचना पर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग जयपुर डॉ. हनुमान सहाय मीणा, डॉ.राकेश कुमावत नोडल अधिकारी फुलेरा, डीएफओ केतन कुमार, एडीएम जयपुर, उपखंड अधिकारी सांभरलेक, डॉ.धर्म सिंह ने सांभर झील का दौरा कर मौका मुआयना किया। सांभर झील में 3 मृत और 4 घायल पक्षी मिले। घायल पक्षियों का रेस्क्यू सेंटर काचरोदा नर्सरी में चिकित्सकों की टीम ने उपचार किया। इसके बाद मृत पक्षियों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए।