बांदा. “मैं वापस आऊँगा, तिरंगा में खुद को लपेट कर”, कभी ये बातें बाँदा जिले के लामा गाँव का शहीद जवान विकास अपने मित्रों से कहा करता था। छत्तीसगढ़ के नक्सलियों से लोहा लेते समय बाँदा जिले के लामा गाँव निवासी सीपीआरएफ जवान विकास कुमार गोली लगने से घायल हो गए। मुठभेड़ में नक्सली घात लगाकर बैठे हुए थे, जैसे ही घायल जवान वहाँ से निकलने के लिए उठे तो उन पर गोलियां बरसा दी, जिससे जवान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ निवासी सीपीआरएफ जवान पूर्णानंद साहू भी इसमें शहीद हो गए।
बाँदा जनपद के लामा गाँव के निवासी विकास कुमार सीपीआरएफ में जवान थे। नक्सलियों से लोहा लेते समय इनके गोली लग गयी, जिससे वह घायल हो गए। जैसे ही ये जवान वहाँ से निकलने के लिए उठे तो नक्सलियों ने उनपर गोलियां बरसा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं इस छत्तीसगढ़ निवासी पूर्णानंद साहू भी शहीद हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही बाँदा जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। सीपीआरएफ जवान शहीद विकास कुमार के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। शहीद जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर रायपुर से नई दिल्ली होते हुए लखनऊ पहुँचा। लखनऊ से बाँदा के लामा गाँव में देर रात को पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बाँदा के शहीद लाल को श्रद्धांजलि देने आलाधिकारियों साहित हजारों लोग पहुंचे। वही सीआरपीएफ के एडीजी भी आखिरी सलामी देने पंहुचे। वही सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवान के परिजनों को 25 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देने का एलान भी किया है।