बेंगलूरु. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने गुरुवार को एमनेस्टी इंटरनेशल इंडिया के शहर स्थित कार्यालय पर छापा मारा। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि छापा किस कारण मारा गया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई विदेशी अंशदान नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन के मामले को लेकर हुई है। इडी अधिकारियों का कहना है कि छापे की कार्रवाई पूरी होने के बाद की वे कार्रवाई के बारे में कुछ बता सकेंगे। एमनेस्टी की ओर से भी अभी कार्रवाई को लेकर कोई बयान नहीं आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक इडी अधिकारियों की टीम ने दोपहर दो बजे मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी के दफ्तरों पर छापा मारा। कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। एमनेस्टी का कार्यालय शहर के इंदिरानगर में एक चार मंजिला भवन में स्थित है। बताया जाता है कि दफ्तर पहुंचते ही अधिकारियों के दल ने लैपटॉप और मोबाइल कब्जे में ले लिया और उसकी जांच-पड़ताल में जुट गए। अधिकारियों से पूछताछ भी की गई। कुछ दिन पहले ही शहर में स्थित गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस के दफ्तर भी इडी ने छापा मारा था।
प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष व विधान पार्षद रिजवान अरशद ने एमनेस्टी के दफ्तर पर छापे की कार्रवाई करते हुए कहा कि जो भी सरकार के गलत कदमों का विरोध करता है सरकार उसके आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।