
बरेली। इत्तेहाद का पैगाम लेकर बरेली पहुंचे श्री श्री रविशंकर के लिए मथुरापुर में स्थित मदरसे का गेट नहीं खुला। श्री श्री करीब 15 मिनट तक गेट खुलने का इन्तजार करते रहे लेकिन जब मदरसे का गेट नहीं खुला तो रविशंकर का काफिला वहां से वापस आ गया जिसके बाद श्री श्री रविशंकर अलखनाथ मंदिर पहुंचे और वहां पर पूजा की।
नहीं खुला दरवाजा
बरेली पहुंच कर सबसे पहले श्री श्री रविशंकर ने दरगाह आला हजरत पर हाजिरी लगाई जिसके बाद उन्होंने आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौक़ीर रज़ा खान से मुलाकात की। मौलाना से मुलाकात के बाद श्री श्री रविशंकर ताजुशरिया और शहर काजी के सीबीगंज के मथुरापुर स्थित मदरसे पहुंचे थे लेकिन श्री श्री के लिए मदरसे का गेट नहीं खुला। दरगाह का एक धड़ा श्री श्री रविशंकर के बरेली आने से खुश नहीं था।
नहीं थी जानकारी
मदरसे के नायब सदर सलमान मियां ने बताया कि उनके पास श्री श्री के मदरसे आने की कोई सूचना नहीं थी जिसके चलते मदरसे का गेट नहीं खोला गया और श्री श्री को वापस लौटना पड़ा।
मुहिम को लगा झटका
श्री श्री रविशंकर के लिए मदरसे का गेट ना खोला जाना एक तरह से उनकी मुहिम को झटका लगा है श्री श्री ने मदरसे में जाने से पहले आईएमसी के मौलाना तौकीर रजा खां से भी मुलाकात की थी लेकिन इस मुलाकात में भी सीधे तौर पर कोई बात नहीं बन पाई उसके बाद दरगाह आला हजरत से जुड़े मदरसे के दरवाजे श्री श्री के लिए नहीं खुले। इस बारे में भले ही कोई खुलकर नहीं बोल रहा है लेकिन इतना तो साफ है कि बरेलवी मसलक की तरफ श्री श्री की मुहिम को झटका लगा है। भले ही यहां से कोई पक्षकार नहीं है लेकिन दरगाह आला हजरत के मुरीद देश ही नहीं विदेशों में भी है।