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आ​खिरकार प्रशासन ने ली देरासर की सुध, मिला पानी
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आ​खिरकार प्रशासन ने ली देरासर की सुध, मिला पानी

रामसर क्षेत्र के देरासर में भीषण पेयजल संकट और प्यास से बेहाल पशुओं की स्थिति को लेकर प्रशासन आखिरकार हरकत में आ गया। राजस्थान पत्रिका के सोमवार के अंक में ‘बूंद-बूंद की आस, होदी में टूटी सांस’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन और जलदाय विभाग ने मौके पर राहत कार्य शुरू किए।
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 20 May 2026, 6:26 PM IST

टैंकरों से जलापूर्ति शुरू, अ​धिकारी पहुंचे मौके पर

रामसर क्षेत्र के देरासर में भीषण पेयजल संकट और प्यास से बेहाल पशुओं की स्थिति को लेकर प्रशासन आखिरकार हरकत में आ गया। राजस्थान पत्रिका के सोमवार के अंक में ‘बूंद-बूंद की आस, होदी में टूटी सांस’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन और जलदाय विभाग ने मौके पर राहत कार्य शुरू किए। खबर प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद ही विभाग की ओर से पशु खेलियों में पानी भरने के लिए दो टैंकर देरासर भेजे गए। इसके साथ ही लंबे समय से बाधित पेयजल आपूर्ति को सुचारू करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।

जलदाय विभाग की टीम ने देरासर सहित आसपास के राजस्व गांवों और ढाणियों का दौरा कर खराब पड़ेहेडपंपों की जांच की। जांच के दौरान 17 हेडपंप पूरी तरह सूखे मिले, जबकि कुछ हेडपंप चालू हालत में पाए गए। विभागीय अधिकारियों ने खराब और बंद पड़े जल स्रोतों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि ग्रामीणों और पशुओं को जल्द राहत मिल सके।

गड्ढे में डाला पानी

क्षेत्र में कई स्थानों पर पशु खेलियां नहीं होने के कारण टैंकरों से लाया गया पानी जमीन में गड्ढे खोदकर डाला गया, जिससे पशु पानी पी सकें। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच पशुधन पर संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के अभाव में पशु इधर-उधर भटक रहे हैं और कई जगह उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मृत गोवंश का होगा पोस्टमार्टम

देरासर में जलकुंड के पास मृत मिले गोवंश के मामले को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पशुपालन विभाग की टीम मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराएगी, ताकि उनकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक तौर पर पानी की कमी को कारण माना जा रहा है, लेकिन विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में स्थायी जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, क्योंकि हर वर्ष गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और पशुओं के लिए पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है।

मृत पशुओं को उठाने वाला कोई नहीं

मृत पशुओं को उठाने के लिए विभाग ने टेंडर निकाला था। लेकिन किसी ने टेंडर ही नहीं भरा। ऐसे में देरासर में मृत गोवंश को नहीं उठाया जा सका।

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