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सब्जी का उत्पादन व दूसरे प्रदेशों में डिमाण्ड कम होने से गिरे दाम
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सब्जी का उत्पादन व दूसरे प्रदेशों में डिमाण्ड कम होने से गिरे दाम

बस्सी @ पत्रिका.उपखण्ड इलाके में इन दिनों सब्जी पैदा करने वाले किसानों को उनकी उत्पादित सब्जी के उचित दाम नहीं मिलने से सब्जी की पैदावार दूर वाहन भाड़ा भी नहीं मिल रहा है। सब्जी का उत्पादन व दूसरे प्रदेशों में डिमाण्ड कम होने से सब्जियों के दाम गिर रहे हैं। टमाटर मण्डी बस्सी में इन […]

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बस्सी @ पत्रिका.उपखण्ड इलाके में इन दिनों सब्जी पैदा करने वाले किसानों को उनकी उत्पादित सब्जी के उचित दाम नहीं मिलने से सब्जी की पैदावार दूर वाहन भाड़ा भी नहीं मिल रहा है। सब्जी का उत्पादन व दूसरे प्रदेशों में डिमाण्ड कम होने से सब्जियों के दाम गिर रहे हैं।

टमाटर मण्डी बस्सी में इन दिनों मटर, टमाटर, टिण्डा व गोभी की बम्पर आवक हो रही है। किसानों ने बताया कि इन दिनों टमाटर दो से ढाई रुपए किलो, गोभी पांच रुपए किलो, टिण्डा पांच से छह रुपए किलो बिक रहा है तो मटर 20 रुपए किलो बिक रही है। किसान चावंडिया निवासी रामस्वरूप ने बताया कि उन्होंने दस बीघा जमीन में टमाटरों की खेती पैदा कर रखी है, उनका टमाटर किसी दिन दो तो किसी दिन ढाई रुपए किलो बिक रहा है। इसी प्रकार नयागांव निवासी किसान लालाराम बलाई ने बताया कि उन्होंने दस बीघा खेत में मटर की खेती कर रखी है, जो मण्डी में किसी दिन 20 तो किसी दिन 22 रुपए किलो बिक रही है। उन्होंने मटर की खेती में अब तक करीब दो लाख रुपए खर्च कर दिए।

किराया भाड़ा भी नहीं मिल रहा है….

टमाटर मण्डी में टमाटर, मटर, गोभी व टिण्डा लेकर आए किसानों ने बात की तो उन्होंने बताया कि फसल की लागत दूर यहां तो गांव से मण्डी तक ट्रैक्टर- ट्रॉली या लोडिंग वाहन में फसल को लेकर आते हैं उसको मण्डी में बेचते हैं, जिसका किराया भी नहीं मिल रहा है। खेती में बेसुमार खर्च हो गया, पैदा दूर कर्ज के नीचे दब रहे हैं।

इन प्रदेशों में सब्जी पैदा होने से घट गई डिमाण्ड…

बस्सी का टमाटर व मटर उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तक जाता है। लेकिन इन दिनों इन प्रदेशों में भी इन फसलों की बम्पर पैदावार होने से वहां से डिमाण्ड नहीं आ रही है। यही कारण है कि बस्सी इलाके में पैदा हो रही इन फसलों को भाव नहीं मिल रहा है।

टमाटर व मटर के लिए प्रसिद्ध बस्सी…

बस्सी उपखण्ड टमाटर व मटर के लिए पूरे प्रदेश ही नहीं देशभर में प्रसिद्ध है। बस्सी उपखण्ड इलाके में पीलिया, ढेढपुरा, नयागांव, चतरपुरा, पालावाला जाटान, चावंडिया, ढिंढोल, खतैपुरा, रामसिंहपुरा, रतनपुरा , देवगांव समेत दर्जनों गांवों में हर वर्ष किसान अन्न की फसलों की बजाय सब्जियों में टमाटर, मटर, हरी मिर्च,गोभी, टिण्डा सहित कई प्रकार की सब्जी की पैदावार करते हैं।

मीठी मटर, भाव फीके…

मण्डी व्यापारी नरसी लाल ने बताया कि बस्सी की मटर का स्वाद मीठा है। जब यहां से मटर दूसरे प्रदेशों की मण्डियों में जाता है तो सबसे पहले बस्सी की मटर बिकती है। लेकिन अब मटर का भी भाव नहीं लग रहा है। व्यापारी ने बताया कि मटर की फसल में पैदावार का खर्च तो अलग है, इसकी फलियों की तुड़वाई का खर्च भी छह रुपए किलो आ जाता है। वहीं दस रुपए किलो तो खेत से मण्डी तक लाने में भाड़े में खर्च हो जाता है। किसान को मात्र पांच रुपए किलो की बचत हो रही है।