
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग एक बार फिर तेज़ होती दिख रही है। यूक्रेन के बड़े शहरों पर रूस ने लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। खास तौर पर खारकीव शहर को निशाना बनाया गया, जो यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। रात भर से जारी इन हवाई हमलों में कई जिलों को नुकसान पहुंचा। निजी घर, गाड़ियां, बिजली की लाइनें और एक बड़ा शॉपिंग मार्केट तबाह हो गया। बाराबाशोवा मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद मार्केट के करीब 2,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में आग लग गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों अब तक कम से कम आठ लोग घायल हुए, जिनमें एक 80 साल की बुजुर्ग महिला भी शामिल है।
यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ये हमला मिसाइल और ड्रोन दोनों का इस्तेमाल करके किया गया। इसके एक दिन पहले ही रूस ने दिन के वक्त ड्नीप्रो शहर पर भी ड्रोन से हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों को ‘बेहद निडर’ करार दिया है और वैश्विक प्रशासन से रूस पर सख्त प्रतिबंधों की मांग की। उन्होंने यूरोप से यह भी अपील की कि रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों के खिलाफ एक साझा रक्षा तंत्र बनाया जाए, ताकि कोई भी देश अकेला न रह जाए।
इन घटनाओं के बीच डेनमार्क में यूरोपीय देशों के दो अहम सम्मेलन आयोजित किए गए हैं, जिनका मकसद यूरोप की सुरक्षा और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था। दरअसल हाल ही में कोपेनहेगन और ऑलबॉर्ग शहरों में ड्रोन दिखने की घटनाएं सामने आई थी जिसके बाद से यूरोपीय देश सतर्क हैं, इस घटना की वजह से कई देर तक हवाई यातायात प्रभावित हो गया।
उधर रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। जिसको लेकर आशंका जताई गई कि ये यूक्रेन की तरफ से की गई कार्रवाई का हिस्सा है। हालांकि वहां के गवर्नर ने कहा कि इस आग का यूक्रेनी हमलों से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पर धुएं के बड़े-बड़े गुबार के वीडियो सामने आए, जिससे लोगों को शक हुआ कि ये ड्रोन हमला हो सकता है। लेकिन अधिकारियों ने इसे तकनीकी खराबी बताया।
बता दें कि हाल के हफ्तों में यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज़ शूरू कर दिए हैं। इसका असर रूस में पेट्रोल-डीज़ल की कमी और बढ़ती कीमतों के रूप में देखा जा रहा है। इस समय रूस और यूक्रेन के बीच जंग सिर्फ मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि मौसम, तकनीक और ऊर्जा जैसे अलग-अलग मोर्चों पर भी लड़ी जा रही है। और हर दिन हालात और जटिल होते जा रहे हैं।