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Shaheed Ko Salam शहीद सूबेदार खिलौना सिंह की शौर्य गाथा | Operation Parakram
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Shaheed Ko Salam शहीद सूबेदार खिलौना सिंह की शौर्य गाथा | Operation Parakram

Shaheed Ko Salam ये अमर गाथा है शहीद सूबेदार खिलौना सिंह की । सूबेदार खिलौना सिंह ने 19 सितम्बर 2003 को जम्मू के राजौरी सेक्टर में ऑपरेशन पराक्रम के तहत पांच आतंकियों को मार गिराया था। इसी दौरान वे भी शहीद हो गए। शहादत से पहले भी कई ऑपरेशंस में उन्होंने कई आतंकवादियों को मौत […]

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Shaheed Ko Salam ये अमर गाथा है शहीद सूबेदार खिलौना सिंह की । सूबेदार खिलौना सिंह ने 19 सितम्बर 2003 को जम्मू के राजौरी सेक्टर में ऑपरेशन पराक्रम के तहत पांच आतंकियों को मार गिराया था। इसी दौरान वे भी शहीद हो गए। शहादत से पहले भी कई ऑपरेशंस में उन्होंने कई आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मरणोपरान्त उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया। उनकी पत्नी सुशीला देवी को शौर्य चक्र सौंपा गया। खिलौना सिंह का जन्म 10 मई 1959 को भरतपुर के तुहिया गांव में हुआ। उनके पिता किसान थे। 21 मार्च 1979 को वे सेना में भर्ती हुए । जाट बरेली सेन्टर (उत्तरप्रदेश) में उन्होंने ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग के बाद जाट रेजीमेन्ट में सैनिक के पद पर भर्ती हुए । 24 साल की सर्विस के दौरान उन्हें सेना मेडल और प्रशंसा पत्रों से सम्मानित किया गया। शहीद के बेटे समरवीर सिंह ने बताया कि सरकार ने यहां के स्कूल का नाम शहीद के नाम पर कर दिया है। हालांकि उन्होंने एक पेट्रोल पंप की मांग भी की थी जो अभी अधूरी है। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे शहादत को सलाम अभियान के तहत गुरुवार को शहीद सूबेदार खिलौना सिंह की पत्नी सुशीलादेवी को राजस्थान पत्रिका कार्यालय में सम्मानित किया गया।