भरतपुर. पिछले 10 दिन से रुक-रुककर कभी किसी इलाके में तो कभी किसी इलाके में हो रही बारिश ने धरतीपुत्रों के अरमानों पर पानी फेर दिया। रविवार देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर भले ही तडक़े पांच बजे थम गया, लेकिन सोमवार को सुबह से शाम तक बारिश का मौसम बना रहा। जो कि धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ाता रहा।ज्यादात्तर इलाकों में सरसों की फसल तो कट गई थी, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं को बताया जा रहा है। क्योंकि गेहूं की फसल का कटना अभी बाकी था। जिले में बयाना, नदबई व भरतपुर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं। बेमौसम बारिश से किसानों की 52 प्रतिशत तक फसल में नुकसान हुआ है, खेतों में किसान की फसल कटी हुई है और बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है। कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां किसान ने फसल नहीं काटी है वह हवा के कारण झुक गई है, जिसे कटने में अभी समय था। अब अधपकी फसल गिर जाने से वह किसान के कोई काम की न रही। एक तो बारिश ऊपर से चने के आकार के ओले गिरने से किसान की कमर टूट गई है, हालांकि फसल बीमा योजना के तहत सर्वे कराया जा रहा है, इसके बाद किसान को उसका मुआवजा दिया जाएगा, पिछली बार बेमौसम बारिश से हुई फसल खराबे में किसान को एक बीघा का दो से ढ़ाई हजार रुपए तक मुआवजा दिया गया था।