
भिलाई. कांकेर के पंखाजूर थाना क्षेत्र में हाल ही में बना बीएसएफ का सीओबी नक्सलियों को पहले ही खटक रहा था। गांव वालों को तो नक्सलियों ने भगा दिया था पर बीएसएफ के जवानों का वे बाल भी बांका नहीं कर सकें। चार दिन पहले इस गांव के प्रतापपुर थाना के बीच अरूणनाला के पास नक्सलियों ने सर्चिग टीम पर हमला तो कर दिया पर वे समझ नहीं पाए कि बीएसएफ उनको ऐसा जवाब देगा कि उन्हें उलटे पांव भागना पड़ेगा। जवानों के हौसलों को पस्त करने माओवादियों ने 25 कूकर बम फोड़े और परंपरागत हथियारों से भी हमला किया, पर वे हमेशा की तरह विफल रहे। इस क्षेत्र में बीएसएफ ने ना सिर्फ माओवादियों को पीछे धकेला बल्कि आसपास के गांवों के लिएनई उम्मीद बनकर आएहैं। माओवादियों की मांद तक पहुंचकर पत्रिका ने भी इन जवानों की कार्यशैली को करीब से देखा और जब उनसे आंखोंदेखा हाल सुना तो रोंगटे खड़े हो गए। एक साथ 35 जवानों को सकुशल हमले से सुरक्षित रखना अधिकारियों के लिएभी बड़ा चैलेंज था। थोड़ी सी चूक उनकी फोर्स का बड़ा नुकसान कर सकती थी। लेकिन अधिकारियों और जवानों की सूझबूझ के साथ बेहतर तालमेल ने माओवादियों के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया।