Rajasthan के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़, कोटा, बारां, उदयपुर जिलों में अफीम की खेती की जाती है। इन दिनों इस खेती को कई जिलों में अफीमची तोते बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान बताते हैं कि फसल पकने के समय तोते झुंड के रूप में खेतों पर टूट पड़ते हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन तोतों का व्यवहार अफीम के नशे में असामान्य हो जाता है। कई बार तो ये तोते उड़ने में भी कुछ समय के लिए असमर्थ हो जाते हैं। अफीम किसान संघर्ष समिति के प्रांत अध्यक्ष बद्रीलाल तेली ने बताया कि अफीम काश्तकारों के लिए सबसे बड़ी समस्या डोडों को पक्षियों से बचाना है। पौधों पर डोडे आने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान तोते पहुंचाते हैं। तोते डोडे खाकर नशेड़ी हो रहे हैं।
भीलवाड़ा से अनिल सिंह चौहान की रिपोर्ट