भगवान राम और लक्ष्मण् अपने गुरू के साथ जनकपुरी जाते हैं। इस दौरान माता सीता अपनी सखियों के साथ पुष्प वाटिका में पुष्प तोडने आती है और राम को देखती हैं। माता सीता वाटिका में मां गिरिजा की पूजा करती है और उनसे भगवान राम को वर में रूप में मांगती है। मां के आर्शीवाद से माता को भगवान राम मिलते हैं।