भोपाल। स्वास्थ मंत्री रुस्तम सिंह का सम्मान करने के लिए जब ऑर्गेनाइजर आए तो उन्होंने अपना शाल और श्रीफल कुष्ठरोगी को देते हुए कहा कि इनके सम्मान की जरूरत है, मेरे नहीं। यह कहते हुए उन्होंने अपना शाल और श्रीफल कुष्ठरोग से पीड़ित व्यक्ति को दिया। रूस्तम सिंह के मन में रोगियों के प्रति इतनी दया भावना देखकर वहां मौजूद सभी लोग खुश हो गए। उनका कहना था कि ऐसा सम्मान हमने पहली बार देखा है।
कुष्ठरोगी भी अपने प्रति इतना सम्मान और प्यार देखकर बहुत खुश हुए। उनका कहना था कि हम इस रोग से पीड़ित है। जिसके चलते लोग हमसे ठीक से बात तक नहीं करते। क्योंकि जानकारी के अभाव में उन्हें डर रहता है कि यह रोग उन्हें न हो जाए। पर मंत्रीजी का ऐसे व्यवहार ने हममे नई उर्जा भर दी है।