
Heart transplant: प्रदेश में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट हो रहा है। एआईआईएमएस भोपाल में कार्डियो थोरेसिक विभाग के एचओडी डॉ. योगेश निवारिया के नेतृत्व में चार विभागों की टीम सर्जरी कर रही है। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया अभी 1 घंटे और चलेगी। कैडेवर डोनेशन की सूचना मिलने पर हार्ट के लिए व्यवस्था तेज कर दी गई थी। इसकी सूचना जैसे ही मुख्यमंत्री को मिली तो उन्होंने अपना हेलीकॉप्टर इसके लिए उपयोग करने की बात कही। यही कारण रहा की चार घंटे के समय के अंदर ही जबलपुर से एम्स भोपाल में हार्ट पहुंचा और ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हो सकी। वहीं लीवर को जबलपुर से इंदौर भेजा गया है।