
बीकानेर . राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र में पल रहे सुल्तान घोड़े को अब अमिताभ के नाम से जाना जाएगा। केन्द्र के विशेषज्ञों ने कहा कि सुल्तान घोड़े की कद-काठी बेहतर और यहां सभी घोड़ों में सबसे लम्बा होने से इसका नाम अमिताभ रखा जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मारवाड़ी नस्ल का यह घोड़ा सबसे लम्बा है। केन्द्र ने इसको मारवाड़ क्षेत्र से तीन साल पहले खरीदा था। इसका पहले सुल्तान नाम था, अब केन्द्र इसका नाम बदल रहा है। साढ़े पांच साल की उम्र का सुल्तान लोगों का सबसे पसंदीदा घोड़ा है।
लम्बाई 163 सेमी
सुल्तान की लम्बाई 163 सेंटीमीटर तथा वजन 500 किलो है। सुल्तान की चाल, कानों की टिप तथा डार्क बे कलर होने से इसकी डिमांड ज्यादा हो गई है। आमतौर एक घोड़ा सिमन एक बार में 38 से 40 मिलीलीटर देता है, जबकि सुल्तान 200 मिलीलीटर सिमन देता है। सुल्तान से अभी तक किसानों की छह घोडि़यां और केन्द्र की तीन घोडि़यां गर्भाधरण कर चुकी हैं।
ये घोड़े हैं ऋतिक, मोहित व तूफान
केन्द्र में ऋतिक, मोहित, तूफान, रोशन सहित नामों के घोड़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नाम आकर्षण का केन्द्र होते हैं, क्योंकि इस तरह के नाम आजकल ज्यादा चलन में हैं। वर्तमान में अश्व अनुसंधान केन्द्र में 83 घोड़े हैं, जबकि मारवाड़ी नस्ल के 40 से अधिक घोड़े हैं।
सभी क्वालिटी
सुल्तान घोड़े को मारवाड़ क्षेत्र से खरीदा था। उस समय से उसका नाम सुल्तान है, लेकिन इसमें सभी तरह की क्वालिटी होने तथा मारवाड़ी घोड़े में सबसे लम्बा होने के कारण इसका नाम अमिताभ रखा जाएगा।
डॉ. एससी मेहता, ऑफिसर इंचार्ज, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र बीकानेर