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International Family Day : बीकानेर में आज भी संयुक्त परिवार की मिसाल है जोशी फैमिली, जानिए उनका अनोखा USP

International Family Day : अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर एक ऐसी फैमिली से मिलते हैं जो संयुक्त परिवार की मिसाल है। बीकानेर का जोशी परिवार भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखे हुए है।

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International Family Day Bikaner Joshi family is still example of joint family

बीकानेर का जोशी परिवार। फोटो पत्रिका

International Family Day : आज अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस है। राजस्थान के बीकानेर का जोशी 'संयुक्त परिवार' का एक बड़ा उदाहरण है। बदलते दौर में संयुक्त परिवारों की परंपरा लगातार कमजोर होती जा रही है, पर बीकानेर का जोशी परिवार आज भी संयुक्त परिवार का एक बड़ा मिसाल है।

बीकानेर के स्वर्गीय रतनलाल जोशी के दो पुत्र गोपाल दास जोशी और भगवानदास जोशी की सूझबूझ ने एक बीज बोया था, वह आज एक वटवृक्ष बन चुका है। इन दोनों भाइयों का आपसी प्रेम इतना गहरा था कि उन्होंने एक ही दिन मौत को गले लगाया था। अब वो नहीं हैं पर उनके बाद भी उनकी तीसरी और चौथी पीढ़ी कुल 40 सदस्य एक साथ एक ही छत के नीचे रह रहे है। उनके संस्कार और अनुशासन दोनों सभी के लिए आदर्श हैं।

परिवार की तीसरी और चौथी पीढ़ी के सदस्य सभी विवाहित हैं और उनके बच्चे भी हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार की एकता और सामंजस्य बरकरार है। परिवार के सदस्य डॉक्टर अनंत जोशी बताते हैं कि भले ही आज का युग एकल परिवार का हो लेकिन हमारे परिवार में संयुक्त परिवार का महत्व सबको पता है।

पुरखों से संयुक्त परिवार के संस्कार मिले

परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य ओम जोशी का कहना है कि हमें विरासत में हमारे पुरखों से संयुक्त परिवार में रहने के संस्कार मिले हैं। संयुक्त परिवार की सबसे बड़ी ताकत आपसी विश्वास और पारदर्शिता होती है।

सास ने कहा, सब महिलाओं को आजादी है, बहू बोली- मैं खुश हूं

परिवार की सास शारदा जोशी ने बताया कि सब महिलाओं को आजादी और अपनी बात कहने की छूट है। घर में सभी सदस्य दोस्तों की तरह रहते हैं। बहू संजना का कहना है कि पिताजी ने इस संयुक्त परिवार के महत्व को देखते हुए रिश्ता किया और आज मैं खुश हूं।

सभी मिल-जुलकर संभालते हैं कारोबार

जोशी परिवार वर्षों से एक साथ कारोबार संभालने का भी एक बड़ा उदाहरण है। परिवार ने वर्ष 1947 से आइस फैक्ट्री का व्यवसाय शुरू किया था। उन सभी ने लगातार तरक्की करते हुए कारोबार का विस्तार किया। आज पापड़ फैक्ट्री तथा अनाज के व्यापार से भी उनके कारोबार का हिस्सा है। छोटे भाई राजकुमार जोशी कहते हैं कि कारोबार की जिम्मेदारियां भी परिवार के सदस्य मिल-जुलकर संभालते हैं।

दोनों भाइयों का निधन भी एक ही दिन हुआ था

जोशी परिवार के सदस्य बताते हैं कि गोपाल दास जोशी और भगवानदास जोशी के बीच गहरा प्रेम था। दोनों भाईयों ने जीवनभर परिवार को एकजुट रखने का काम किया। परिवारजनों ने बताया यह जानकार आश्चर्य होगा कि दोनों भाइयों का निधन भी एक ही दिन हुआ।