बिलासपुर. कविता चौपाटी से के 38 वें में अंक में शहर की कवयित्री अनु चक्रवर्ती की कविताओं का पटल पर अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयंत कुमार सिंह संपादक, पत्रिका ने कहा कि हमारा होना साहित्य बताता है, क्या हैं, क्या होंगे, हमारी दशा क्या होगी, दिशा क्या होगी साहित्य बताता है। साहित्य और प्रकृति के बिना मनुष्य का अस्तित्व नहीं है। छत्तीसगढ़ पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित वैभव शिव पांडे ने कहा कि अनूठे प्रयास को और भी शहरों में किया जाए जन जागरूकता का यह बेहतरीन नमूना है।
इस मौके पर विख्यात लेखक कपूर वासनिक जी का संस्था ने सम्मान किया। उन्होंने अपने लेख की अनुभव साझा किए शहर में पढऩे के माहौल के लिए अपनी प्रतिबद्धता बताई ।
अनु चक्रवर्ती का परिचय देते हुए लेखक श्री कुमार ने बताया कि अनु चक्रवर्ती साहित्य की दुनिया में जाना पहचाना नाम है। उनकी कविताएं प्रकृति का सौंदर्य, समाज की सच्चाई ,इस दौर के बदलते रिश्ते नातों का आईना हैं। वे एक वॉइस आर्टिस्ट आकाशवाणी उद्घोषक रंगमंच की कलाकार एवं फिल्मों में अभिनय करने का भी अनुभव रखती हैं। उनके ब्लॉग कविताएं लेख देश विदेश की पत्रिकाओं में छपते रहते हैं।
पटल पर विमोचन के पहले चौपाटी के परंपरा अनुसार कुछ कवियों ने रचनाएं पढ़ी जिसमें युवा कवि ओम पंडा, अंकुर शुक्ला, सेवक राम शायर केवल कृष्ण ने खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं गिरधर शर्मा ने कहा कि यह अनूठा मौका है नए कवि अच्छे रचनाए कर रहे हैं।
अनु चक्रवर्ती जी का प्रमाण पत्र ,शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। उन्होंने अपनी कविताएं सुनाई जिनमें माइक्रोफोन की भी आंखें होती हैं, पसीना प्रेम एवं अश्रु, कविताओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन महेश श्रीवास राजेंद्र मौर्य सुमित शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राघवेंद्र धर दीवान ,डॉ अजय पाठक ,डॉ सुधाकर बिबे, केवल कृष्ण पाठक कमलेश पाठक राजेश दुबे पूर्णिमा तिवारी डीपी पटेल विपुल तिवारी सहित साहित्य प्रेमी समाजसेवी शहरवासी उपस्थित थे।