विनोद खन्ना एक ऐसे एक्टर थे जिन्होंने हर रोल को बखूबी से निभाया था। चाहे वह विलेन का ही क्यों न हो लेकिन उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना इतना आसान नहीं था। आइए आज जानते हैं आखिर क्या था मामला….
यह वाकया उन दिनों का है जब विनोद खन्ना ने नासिक के सिद्धेहम कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया था।

विनोद खन्ना ने ग्रेजुएशन करने के बाद पिता के सामने फिल्मों में काम करने की बात रखी थी लेकिन पिता यह बात सुनकर आग बबूला हो गए थे। उन्हें बेटे विनोद की यह बात सुनकर इतना गुस्सा आया कि वह तेजी से कमरे में गए और बंदूक लाकर विनोद खन्ना पर तान दी।

पिता किशनचंद खन्ना के इस गुस्से से वह खुद भी बुरी तरह डर गए थे। उस वक्त मामला बिगड़ता देख विनोद खन्ना की मां कमला बीच में आ गई और समझाने की कोशिश करने लगीं। काफी देर बाद जब पिता का गुस्सा शांत हुआ तो उन्होंने विनोद खन्ना को फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कर दिखाने के लिए 2 साल का वक्त दिया। विनोद खन्ना ने इन्हीं 2 सालों में काफी मेहनत की, जिसकी बदौलत पिता के दिए गए समय में ही वह स्टार बन गए थे। किशनचंद खन्ना 1947 के बंटवारे के बाद पेशावर से मुंबई आकर रहने लगे थे। यहां आकर उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया था। पिता चाहते थे कि विनोद खन्ना ग्रेजुएशन के बाद उनका बिजनेस संभाले।