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रामगंजबालाजी. क्षेत्र की दोलाड़ा पंचायत के बहादुरपुरा गांव की माटुंदा रोड पर बेश कीमती भूमि का गुरुवार को तहसीलदार की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान सदर थाना प्रभारी व पुलिस लाइन का जाप्ता सहित अन्य कर्मचारियों ने दो जेसीबी की मदद से यहां दोपहर बाद तक अतिक्रमण हटाया।
जानकारी अनुसार श्रम विभाग के लिए उक्त सिवाय चक भूमि का आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। पास के खातेदारों को इसकी भनक लगने के बाद में पिछले तीन-चार माह के अंतराल में वहां पर सडक़ किनारे खाली पड़ी सिवाय चक 4 बीघा भूमि पर अतिकर्मियों ने चारदीवारी करके पुराने रास्ते को भी अपने कब्जे में ले लिया था।वहीं यहां पर अतिकर्मियों द्वारा पुरानी छतरी को भी अतिक्रमण लेने के बाद में वहां पर जाने आने का रास्ता बंद हो गया था। कई बार राजस्व अधिकारियों द्वारा अतिकर्मियों को नोटिस देकर स्वत: अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया, लेकिन अतिकर्मियों के हौसले बुलंद होने के चलते उन्होंने अतिक्रमण हटाना मुनासिब नहीं समझा।
ऐसे में गुरुवार को उपखंड अधिकारी के आदेश पर तहसीलदार अर्जुन लाल मीणा गठित टीम कानूनगो राजेंद्र कचोटिया, भीमराज मीणा,दोलाड़ा हल्का पटवारी राजेश मीणा, बंटी मीणा, रमेश, ग्राम विकास अधिकारी अवधेश कुमार शर्मा पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामराज मेघवाल, मुस्तकीम अंसारी की मौजूदगी में बहादुरपुर मेंं 4 बीघा भूमि का अतिक्रमण हटाया गया। वहीं सुरक्षा की ²ष्टि से सदर थाना प्रभारी भगवान सहाय सहित आरएसी के जवान व सदर थाना पुलिस का जाप्ता मौजूद रहा।
तहसीलदार ने बताया कि उक्त सरकारी सिवाय चक भूमि पर श्रम विभाग व निदेशक आयुर्वेद विभाग के लिए आवंटन करने के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन अतिकर्मियों द्वारा यहां अतिक्रमण करने के बाद में आसपास के क्षेत्र में जाने वाले लोगों का रास्ता रोकने के साथ ही यहां पर एक धार्मिक स्थल की छतरी पर जाने का मार्ग भी बन्द होने के बाद में प्रशासन ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया। साथ ही अब प्रशासन ने यहां पर सिवाय चक्र भूमि में राजकीय परियोजनार्थ के लिए आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस चौकी के लिए भूमि आवंटन की मांग
वहीं सदर थाना प्रभारी भगवान सहाय ने राजस्व विभाग से अतिक्रमण हटाने के दौरान पास ही खाली पड़ी सिवाय चक भूमि जहां पर कॉलोनी काटने के
बाद वहां पर अतिक्रमण के नियत से भूमि को अपनी कब्जे में ले रखा है।वहां पर पुलिस चौकी स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन की मांग तहसीलदार से की।