नैनवां. डीएपी के बाद अब यूरिया की भी किल्लत हो गई। फसलों को पहले पानी के साथ यूरिया की आवश्यकता बनी हुई है,लेकिन यूरिया नहीं मिल पाने से किसान परेशान है। जैसे ही इक्का-दुक्का दुकानों पर यूरिया आता है तो किसान लेने दौड़ पड़ते है। यूरिया की किल्लत के बीच गुरुवार को दुकानों पर आए यूरिया के 1646 कट्टे दो घण्टे में ही वितरित हो गए। किसानों के उमड़ने से एक दुकान पर किसानों की भीड़ ज्यादा होने से प्रति किसान एक-एक कट्टा वितरित किया।
दूसरी दुकान पर पहले किसान कम होने से प्रति किसान पांच-पांच कट्टे दिए जाने के बाद यहां भी भीड़ बढ़ जाने से बाद में प्रति किसान दो-दो कट्टे वितरित किए गए।नैनवां में गुरुवार सुबह एक दुकान पर 778 व दूसरी दुकान पर 868 कट्टे यूरिया आया। किसानों को यूरिया आने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से किसान यूरिया लेने उमड़ जाने से दुकानों के बाहर किसानों का मेला लग गया। दुकानदारों को किसानों को कतारों में लगाकर यूरिया का वितरण करना पड़ा। बुधवार को भी नैनवां में दो दुकानों पर यूरिया के एक हजार कट्टे आए थे, जो भी एक घण्टे में ही वितरित हो गए थे।
54 हजार हेक्टेयर हुई बुवाई
नैनवां उपखण्ड के पांच सहायक कृषि अधिकारी के नैनवां, देई, बामनगांव, बांसी व करवर परिक्षेत्र में सरसों, चना व गेंहू की 54 हजार 189 हेक्टेयर में बुवाई हुई है। सहायक कृषि अधिकारी राकेश कुमार साहू ने बताया कि की 21 हजार 145 हेक्टेयर में सरसों की, 20 हजार 455 हेक्टेयर में चना की व 12 हजार 589 हेक्टेयर में गेहूं बुवाई हुई है, जिसके लिए लगभग दो लाख 80 हजार कट्टे की यूरिया की आवश्यकता होगी।