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Video : बिना सूचना कोटा बैराज के गेट खोले, चम्बल में अटकी पचास लोगों की सांसे

इधर रविवार शाम को चम्बल नदी में धूमधाम से चुनरी उत्सव चल रहा था, उधर बिना कोई पूर्व सूचना दिए कोटा बैराज से चार गेट खोलकर बड़ी मात्रा में चम्बल नदी में पानी छोड़ दिया।

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केशवरायपाटन. इधर रविवार शाम को चम्बल नदी में धूमधाम से चुनरी उत्सव चल रहा था, उधर बिना कोई पूर्व सूचना दिए कोटा बैराज से चार गेट खोलकर बड़ी मात्रा में चम्बल नदी में पानी छोड़ दिया। अचानक नदी का जल स्तर बढ़ जाने से केशव घाट पर डेढ़ सौ श्रद्धालुओं की जान सांसत में आ गई। बहाव तेज होने से एक नाव पानी में बह गई, हालांकि नाव में सवार नाविक बच गए। नदी के बीच मझधार में फंसी नावों में सवार 50 लोगों को इंजन वाले बोट से निकालकर केशव घाट पर लाया गया।
कस्बे में भगवान केशवराय मंदिर के किनारे चम्बल नदी में रविवार दोपहर कोटा की एक संस्था की ओर से चुनरी उत्सव आयोजित किया गया था। इस दौरान नावों में सवार महिला पुरुष करीब अस्सी मीटर चुनरी को लेकर चम्बल के दूसरे छोर पर कोटा की तरफ रंगपुर घाट पहुंच गए। इसी दौरान कोटा बैराज से अचानक पानी छोडऩे से नदी में जलस्तर बढ़ गया। रंगपुर घाट से नावों के वापस आने के दौरान इनमें बांधा गया रस्सा टूट गया। ऐसे में एक नाव में सवार नाविकों को बोट में बिठाकर घाट पर लाया गया। करीब एक दर्जन नाव मझधार में हिचकोले खाने लगी। ऐसे में वहां अफ रातफ री का माहौल हो गया। लोगों की सांसें अटक गई। नावों में सवार लोगों को नाविकों ने मोटर बोट में बिठाकर किनारे भेजा।

नहीं थे सुरक्षा के उपाय
चुनरी उत्सव के दौरान चंबल नदी में नाविकों ने केशव घाट से रंगपुर घाट तक रस्सी के सहारे डेढ़ दर्जन नावों को चंबल में रोक रखा था। इन नाविकों के पास सुरक्षा के उचित संसाधन एवं जैकेट भी नहीं थी। अचानक रस्सी टूटने से नाव तेज बहाव में बहने लग गई।

अधिकारी नदारद
चंबल नदी में एक बड़ा हादसा होते होते बच गया, वहीं समूचे घटनाक्रम से प्रशासन बेखबर था। जिस समय उत्सव चल रहा था, उस समय वहां पुलिस थी, लेकिन शाम साढ़े पांच बजे रस्सा टूटने के बाद वह भी गायब हो गई। प से पानी आने के बाद भी चंबल नदी के किनारे उत्सव को देखने के लिए लोग जमे रहे।

पहले शोभायात्रा, फिर चुनरी कार्यक्रम
कोटा की जेसीआर संस्था के तत्वावधान में रविवार को चर्मण्यवती में चुनरी ओढाई गई। पहले संस्था ने संकट व्यायाम शाला परिसर से शोभायात्रा निकाली। यह मुख्य बाजार होती हुई चम्बल नदी केशव घाट पहुंची। पंडितों ने पूजा के बाद चुनरी पूजन करवा कर डेढ़ दर्जन नावों के सहारे चुनरी उत्सव शुरू किया। चुनरी केशव घाट से रंगपुर घाट पहुंची, जहां पूजन करने के बाद केशव घाट पर चर्मण्यवती की आरती कर दीपदान किया। इसके बाद अचानक जल स्तर बढ़ गया

नहीं दी सूचना
कोटा बैराज प्रशासन की ओर से गेट खोले जाने के बारे में स्थानीय प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई। ऐसे में मौके पर प्रशासन अलर्ट जारी नहीं कर पाया। सभी श्रद्धालु सुरक्षित केशवघाट पहुंच गए। इस बारे में जिला कलक्टर को अवगत कराया गया है।-भावना सिंह, कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी केशवरायपाटन

” कोटा बैराज के गेट खोले जाने की सूचना कंट्रोल रूम पर आती है। इस बार सूचना कैसे नहीं आई, इस बारे में पता किया जाएगा।

अक्षय गोदारा, जिला कलक्टर बूंदी

सूचना का प्रोटोकॉल बना हुआ है। केशवरायपाटन में सूचना संबं?धित तक पहुंची या नहीं पता किया जाएगा।
एजाजुद्दीन अंसारी, अधीक्षण अभियंता, कोटा बैराज