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VIDEO: बारिश के बाद बिखर गई करोड़ों की सडक़े, चौडी सडक पर गहरे हुए गड्ढे

कुछ सडक़ें ऐसी भी हैं, जहां सीवरेज या पाइप लाइन के लिए सडक़ के बीचोंबीच खुदाई की गई, लेकिन भरान ठीक से नहीं किया

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चेन्नई.

चक्रवात मिचौंग को लेकर पिछले दो दिन हुई भारी बारिश के बाद सडक़ों का हाल और बेहाल हो गया है। गड्ढे और चौड़े व गहरे हो गए हैं। गड्ढों में बारिश का पानी भरा हुआ है और ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महानगर की मुख्य सडक़ों से लेकर बाजारों की सडक़ें भी काफी खस्ताहाल हो गई हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए खोदी गई सडक़ें और नगर निगम की लापरवाही ने बारिश के बाद चेन्नई को दलदल में तब्दील कर दिया। घर से निकलते ही चेन्नईवासियों को सिस्टम की दलदल से दो-चार होना पड़ रहा है।

स्मार्ट सिटी हो गया अस्त-व्यस्त
दुपहिया वाहन सवारों ने निगम और राजमार्ग विभाग पर चक्रवात से पहले पैचवर्क करने के बाद सडक़ों पर मलबा डालने का आरोप लगाया जिसके बाद तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी को न सिर्फ अस्त-व्यस्त कर दिया, लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी। विभिन्न विभागों द्वारा शुरू किये गये कामों को अधूरा छोड़ दिये जाने और नगर निगम की ओर से नालियों की सफाई में की गई कोताही का खामियाजा आखिरकार चेन्नईवासियों को भुगतना पड़ रहा है। जगह-जगह खोदी गई सडक़ें और ऐसी सडक़ों पर हुए जलभराव से स्थिति न सिर्फ परेशानी पैदा करने वाली, बल्कि कई जगह जानलेवा भी हो गई।

260 से अधिक बस रूट क्षतिग्रस्त
निगम द्वारा बनाए गए आंतरिक सडक़ों के अलावा, राज्य राजमार्गों द्वारा बनाए गए मुख्य सडक़ें भी खराब हो गई हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि क्षतिग्रस्त सडक़ों की पहचान की जा रही है और 260 से अधिक बस रूट सडक़ों और अन्य आवश्यक मुख्य सडक़ों पर मरम्मत कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। अन्ना सालै, इनर रिंग रोड, पूंदमल्ली हाईवे, ईवीआर पेरियार सालै, वेलचेरी-तरमनी लिंक रोड और जीएसटी सडक़ों पर चक्रवात के कारण गंभीर क्षति देखी गई। इसके अतिरिक्त चेन्नर्ई-बेंगलुरु बाईपास, चेन्नई-तिरुपति एनएच, चेन्नई-कोलकाता एनएच और चेन्नई-तिरुचि एनएच भी बड़े गड्ढों और गड्ढों के कारण मोटर चालकों को ऊबड़-खाबड़ सवारी दे रहे हैं।

सडक़ें और गलियां बन गई दलदल
कोलत्तूर के कुमरन नगर निवासी राजेश्वरीकोई ने कहा कि ऐसा इलाका नहीं जहां सडक़ें और गलियां दलदल न हो गई हों। ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त न होने के कारण कहीं वाटर लॉगिंग हो गई तो कहीं खोदी गई सडक़ों की मिट्टी दलदल में बदल गई। कुछ सडक़ें ऐसी भी हैं, जहां सीवरेज या पाइप लाइन के लिए सडक़ के बीचोंबीच खुदाई की गई, लेकिन भरान ठीक से नहीं किया

धंस रही सडक़ें
ट्रक मालिक ए राजावेल ने कहा कि एनएच के पाडि-अंबत्तूर-आवडी खंड पर भी सडक़ों की गंभीर क्षति की सूचना है। अब उन्हें क्षतिग्रस्त एनएच सडक़ों पर लगातार वाहन चलाना पड़ता है। जिन सडक़ों को खोदा गया था, वे जगह-जगह धंस रही हैं और कई जगहों पर बड़ा खतरा बन गई हैं। बारिश के कारण यह एक बार फिर खतरनाक हो गया है।

युद्ध स्तर पर शुरू होगा मरम्मत कार्य
एक राजमार्ग अधिकारी ने कहा कि कुछ ठेकेदारों ने बसों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए गड्ढ़ों को मलबे से भर दिया है। “ऐसे स्थानों की पहचान और क्षति का आंकलन चल रहा है। एक बार पानी कम हो जाए तो मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।

क्या कहते हैं लोग
मेरे वार्ड में बारिश के कारण बुरा हाल हो गया। नालों में पानी बढ़ तो सारा का सारा पानी लोगों के घरों में घुस गया। घरों का सामान खराब हो गया।
– सुब्रमणि राजेश, वडपलनी

हमारे क्षेत्र में दो वर्षों से सडक़ें खोदी हुई हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़ी-बातें की गई थी, अब व्यापारी और आम लोग परेशान है। बारिश होते ही बाजार पहुंचना दूभर हो जाता है।
मुत्तैया राज, वडपलनी