चेन्नई. अल्जाइमर दिवस के अवसर पर, सेंटर फॉर एजिंग मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क ने चेन्नई में एक जागरूकता वॉकथॉन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क के करीब 100 छात्रों ने भाग लिया।
वॉकथॉन एग्मोर के एमएसएम कॉलेज से शुरू हुआ और एग्मोर मेट्रोपॉलिटन मॉल तक चला। छात्रों ने अल्जाइमर रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बैनर और पोस्टर ले रखे थे। उन्होंने लोगों को अल्जाइमर रोग के लक्षणों और उपचार के बारे में बताया।
वॉकथॉन के समापन पर, छात्रों ने एक सभा आयोजित की। इस सभा में उन्होंने अल्जाइमर रोग के बारे में जानकारी साझा की और इस बीमारी से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क के निदेशक, डॉ. सुमन नारायणन ने कहा कि अल्जाइमर रोग एक गंभीर बीमारी है जो लाखों लोगों को प्रभावित करती है। इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इस बीमारी से पीड़ित लोगों को समर्थन देना महत्वपूर्ण है।
वॉकथॉन में भाग लेने वाले छात्रों ने कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखा। वे अल्जाइमर रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस बीमारी से पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्या है अल्जाइमर रोग
हाल की घटनाओं को भूल जाना इसका एक प्रारंभिक संकेत है, इसके बाद बढ़ता भ्रम, अन्य मानसिक कार्यों में हानि, और भाषा का उपयोग करने और समझने और दैनिक कार्यों को करने में समस्या होती है। ये लक्षण इस कदर बढ़ जाते हैं कि लोग काम नहीं कर पाते हैं, जिससे वे दूसरों पर पूरी तरह से आश्रित हो जाते हैं।