चेन्नई.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की आलोचना की और राज्य की वर्तमान स्थिति की तुलना ‘आपातकाल’ के दिनों से की। रविवार को चेन्नई में एक सभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, जब मैं यहां आया तो बाजार बंद मिला और स्ट्रीट लाइटें भी बंद दिखीं। पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात थी। इससे मुझे आपातकाल के दिनों की याद आ गई। तमिलनाडु के लोगों को मेहनती बताते हुए उनकी प्रशंसा की जो राज्य को गौरवान्वित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ द्रमुक का शासन ‘‘बहुत खराब’’ है। द्रमुक नेतृत्व में विवेक का अभाव है, लोकतंत्र के प्रति जरा भी सम्मान नहीं है।
जेपी नड्डा ने कहा कि 25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी दलों के बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन के कारण देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब होने का हवाला देते हुए ‘आपातकाल’ लगाया और कई विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा, यह देखने के लिए कि तमिलनाडु कैसे काम कर रहा है, बाजार का दौरा करना चाहिए। देखें कि पुलिस ने उनके बाजार और उनके बाजार को कैसे बंद कर दिया है। किसी को भी बाहर आने की अनुमति नहीं है।
नड्डा ने सवाल किया कि क्या इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप है और तमिलनाडु के पारंपरिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा गया है कि ऐसे प्रतिबंध लागू करने वाले नेताओं को राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं करना चाहिए। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, क्या यह लोकतंत्र है? क्या यह तमिलनाडु की परंपरा है? ऐसे नेताओं को तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं होना चाहिए। जिसने हम पर 200 वर्षों तक शासन किया, वह उनसे पहले है और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।” तमिलनाडु के लोगों से आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने का आग्रह करते हुए नड्डा ने कहा, ”यहां तमिलनाडु में कमल खिलने दीजिए। तमिलनाडु खिलेगा, भारत खिलेगा।” उन्होंने आगे कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में 2027 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनें।”