चूरू. आज महिलाएं पुरुषों की तरह हर क्षेत्र में आगे बढ़कर हिस्सा ले रही हैं, व्यापार, खेल व नौकरियों में उच्च पदों पर बैठी हुई है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ परिवार को सम्बल प्रदान कर रही है। सरकार भी उनकी योग्यता को देखते हुए नए-नए अवसर प्रदान कर रही है। आने वाले दिनों में महिलाएं ई मित्र प्लस मशीनों को संचालित करते हुए भी नजर आएंगी। इसके लिए पूरी तैयारियां हो चुकी है। सूचना प्रौद्योगिक एव संचार विभाग के उपनिदेशक नरेश कुमार ने बताया कि आमजन को राहत देने के लिए पूर्व में सरकार की ओर से जिले में कुल 353 ई मित्र प्लस मशीनें ग्राम पंचायत से लेकर शहर के कार्यालयों में लगाई गई थी, इनके संचालन का जिम्मा ई मित्र संचालकों को दिया गया था। उन्होंने बताया कि आमजन को आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक ही स्थान पर 400 प्रकार की सरकारी और निजी सेवा मिलने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। शुरू होने के बाद भी इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
चयनित महिलाओं को दिया प्रशिक्षण
उपनिदेशक नरेश कुमार ने बताया कि आमजन को मशीनों की सुविधा का लाभ मिले, इसको देखते हुए इनके संचालन की जिम्मेदारी अब राजीविका में कार्यरत महिलाओं को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉक से दो-दो महिलाओं का चयन किया गया है। चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। आने वाले दिनों में महिलाएं यहां पर काम करती हुई नजर आएंगी, ऐसे में बंद पड़ी हुई मशीनों का उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से महिलाओं को निश्चित मानदेय भी दिया जाएगा, इसके लिए राज्य स्तर पर निर्णय लिया जाना है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को मानदेय के अलावा कमीशन भी मिलेगा।
ये सुविधाएं है ई-मित्र प्लस में
ई-मित्र प्लस मशीन दिखने में एटीएम जैसी दिखाई देती है। इसमें 32 इंच एलईडी के साथ मॉनिटर डिवाइस, वेब कैमरा, कैश असेप्टर, कार्ड रीडर, मैटलिक की बोर्ड, रसीद के लिए नार्मल प्रिंटर, लेजर प्रिंटर आदि मौजूद हैं। मशीन में मौजूद वेब कैमरे से आम नागरिक उच्चाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत भी कर सकते हैं। आमजन को अपने विभागीय कार्यों के लिए भटकना पड़े इसलिए इस मशीन से गिरदावरी, जमाबंदी की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र का प्रिन्ट, बिजली-पानी बिल जमा करने सहित अनेक प्रकार की सरकारी व निजी सेवाएं आधुनिक तकनीक के माध्यम से देने के लिए राज्य सरकार ने ई-मित्र प्लस योजना पूर्व में चलाई थी, लेकिन शो-पीस बनकर रह गई।