एक ओर जहां बिटकॉइन की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं वहीं रिलायंस जियो अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी जिओ कॉइन लाने की तैयारी में है।
मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश जियो कॉइन प्रोजेक्ट की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। कंपनी इस ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करने के लिए 50 युवा प्रोफेशनलों की टीम बनाने की तैयारी कर रही है।
बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर युवाओं में काफी क्रेज है। आयकर विभाग (आईटी) द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर किए गए अपनी तरह के पहले सर्वे में बताया गया है कि देशभर में क्रिप्टोकरेंसी के 6 लाख से ज्यादा सक्रिय ट्रेडर्स हैं। वहीं 25 लाख लोगों ने देशभर की 9 क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में खुद को पंजीकृत करा रखा है।
आयकर विभाग ने बताया कि ज्यादातर ट्रेडर्स 35 साल से कम के हैं। आयकर विभाग के सर्वे में पाया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी के एक्सचेंजों पर 17,800 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है।