17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्राइम

VIDEO…जिले में 500 के स्टाम्प पर 50 से 100 रुपए तक अतिरिक्त वसूली, रोजाना लाखों की लूट

- ई-स्टाम्प के अलग-अलग दाम, अधिकांश ६०० रुपए ले रहें हैं, कोई मोलभाव में 550 में भी दे रहा है - सालाना करीब 5 करोड का कारोबार

Google source verification

नीमच। स्टाम्प की कमी इन दिनो वेंडरों की कमाई का जरिया बनी हुई है। कम मूल्य के स्टाम्प के बाजार में मनमाने दाम वसूले जा रहे है। पहले तो वेंडरों द्वारा स्टाम्प की कमी और ऑनलाइन सर्वर डाउन का हवाला दिया जाता है। बाद में ज्यादा पैसे लेकर स्टाम्प बेचे जाते हैं। लोग मकान, प्लॉट, जमीन की रजिस्ट्री सहित अन्य कई कामों में स्टाम्प लगाकर ही अपना कार्य उद्देश्य पूरा कर पा रहे हैं। ऐसे में स्टाम्प वेंडरों की चांदी कट रही है। जिम्मेदार अधिकारी जिला मुख्यालय पर स्टाम्प का भण्डारण कम होने की बात कर रहे तो कहीं नए सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी भी बात कहकर स्टाम्प खरीदने वालों को परेशान किया जा रहा है।

पत्रिका ने स्टिंग कर कोर्ट परिसर में बैठे स्टाम्प वेंडरों से ग्राहक बनकर जानकारी ली तो यह सामने आया। वेंडर 100 रुपए का स्टाम्प 120 रुपए, 500 का स्टाम्प 600 से 550 रुपए में बेच रहें हैं। खासर कर बैंक लॉकर या अन्य ई-स्टाम्प की मांग करेंगे। कहीं १०० रुपए तो कहीं ५० रुपए अधिक सर्विस चार्ज लगने की बात कहीं जाती है, इसमें भी पूरे मोलभाव किए जाते है। तहसील प्रांगण में स्टाम्पों के चलते प्रतिदिन लोगों को परेशान होते देखा जा सकता है। स्टाम्प खरीदने आए रामेश्वर ने बताया कि लगभग-लगभग सभी स्टाम्प वैंडरों के पास पांच सौ रुपए मूल्य के स्टाम्प के लिए जा चुका हूं, पर कोई भी स्टाम्प नहीं दे रहा सभी स्टाम्प वैंडरों का कहना है कि अब पांच सौ रुपए मूल्य का स्टाम्प पहले की तरह नहीं मिलेगा। जब स्टाम्प खरीदने गये तो 50 रुपए अधिक दाम चुका कर स्टाम्प मजबूरी में खरीदे। वहीं शपथ पत्र बनवाने पचास रुपए मूल्य के स्टाम्प की तलाश कर रहे। संदीप ने बताया कि उन्हें शपथ पत्र बनवाने के लिए पचास रुपए मूल्य के स्टाम्प की आवश्यकता है पर सभी स्टाम्प वैंडरों का कहना है कि उन्हें ही महीनों से पचास रुपए मूल्य के स्टाम्प नहीं मिले। तुम्हे कहां से दें। ऐसे ही कई लोग तहसील कार्यालय प्रांगण में प्रतिदिन स्टाम्प लेने के लिए स्टाम्प वैंडरों के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।

पत्रिका स्टिंग
केस: 1 फोटो- १४५०-जैन स्टाम्प वेंडर

पत्रिका- भैया १०० रुपए का स्टाम्प मिल जाएगा।
स्टाम्प वेंडर- हां मिल जाएगा।
पत्रिका- कितने का है।
स्टाम्प वेंडर- क्या कराने का है।
पत्रिका- बाइक बेची है, लिखा पढ़ी करनी है
स्टाम्प वेंडर- हां कर देंगे। आधार कार्ड दो।
पत्रिका- कितने रुपए लगेंगे।
स्टाम्प वेँडर- आप तो तीन सौ रुपए दे दो।
पत्रिका- १०० रुपए के स्टाम्प पर इतने रुपए लगेंगे
स्टाम्प वेंडर- २० रुपए के टिकट भी लेगेंगे।
पत्रिका- हां फिर भी २० रुपए के टिकट २५ रुपए की टाइपिंग, ५० नोटेरी के लग जाएंगे, फिर भी स्टाम्प के २०० रुपए लोगे क्या।
स्टाम्प वेंडर- हां इतने ही लगेंगे। खाली स्टाम्प नहीं दिया जाएगा।

केस: २ १४५१- पुखराज स्टाम्प वेंडर

पत्रिका- १०० रुपए और ५०० रुपए का स्टाम्प मिल जाएगा।
स्टाम्प वेंडर- अभी ऑनलाइन आने में समय लग रहा है, समय लगेगा।
पत्रिका- हां ठीक है, एक घंटा इंतजार कर लेंगे। परंतु रुपए तो बताओ
स्टाम्प वेंडर- १०० रुपए के स्टाम्प के १२० रुपए और ५०० के ५५० रुपए लगेंगे।
पत्रिका- ठीक है, सर एक घंटे बाद आता हूं।

परेशान हो रहे हैं ग्रामीण लोग
जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, सहमति पत्र, रजिस्ट्री, नामांतरण और न्यायालयीन मामलो सहित अन्य बहुत कामों में स्टाम्प का उपयोग किया जाता है। नगर में लंबे समय से वैसे ही पचास और सौ रुपए मूल्य के स्टाम्पों का टोटा बना हुआ है, अब पांच सौ हजार एवं ज्यादा मूल्य के स्टाम्पों के न मिलने से आम लोगों को खासी परेशानियां हो रही हैं। लोग स्टाम्पों के लिए तहसील प्रांगण में स्टाम्प वैंडरों के चक्कर लगा लगाकर परेशान हैं। पर उन्हें न ही कम मूल्य वाले और न ही पांच सौ हजार एवं ज्यादा मूल्य के स्टाम्प उपलब्ध हो रहे हैं, जिसके चलते उनके कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इनका यह कहना है
स्टाम्प वेंडर अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते है। अभी दो तरह से मेन्युअल और ऑनलाइन स्टाम्प बेचे जा रहें हैं। लेकिन ऑनलाइन पर डीड भरने के चलते दस से बीस रुपए अधिक लेते है। अगर 100 रुपए अधिक ले रहे हैं तो गलत है। इसकी शिकायत करवाएं जांच कर कार्रवाई करेंगे।
– दुष्यंत शर्मा, जिला पंजीयक नीमच।

जिले में अप्रेल माह से अभी तक करीब ४२ लाख ४३ हजार २०० रुपए के स्टाम्प बेचने से शासन को आय प्राप्त हुई है। शासन ने प्रत्येक स्टाम्प का शुल्क निर्धारित कर रखा है। 100 रुपए का 100 रुपए में और 500 रुपए का 500 रुपए में ही स्टाम्प वेंडर को आमजन को स्टाम्प देना है। शासन स्टाम्प वेंडर के लाइसेंस जारी करता है, वहीं इन्हें इन स्टाम्प पर नॉन में दो प्रतिशत और ड्यूटी सेल में ३ प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। अगर आमजन से ५०० का स्टाम्प पर ५० या १०० रुपए वसूले जा रहे हैं तो वह अवैध है। जिसकी शिकायत मिलने पर स्टाम्प वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी। उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। जिसकी शिकायत डीआर को करनी चाहिए, वह जांच कर अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
– बृजमोहन सुरावत, जिला कोष अधिकारी नीमच।