नई दिल्ली। 13 साल पुराने सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में शुक्रवार को सीबीआई की अदालत का बड़ा फैसला आया। कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में ये फैसला सुनाया।
सबूतों के अभाव में आरोपी हुए रिहा
कोर्ट ने गवाहों के बयान से पलटने पर यह भी कहा कि अगर कोई बयान न दे तो इसमें पुलिस की गलती नहीं है। सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में स्पेशल सीबीआई जज ने अपने आदेश में कहा कि सभी गवाह और सबूत साजिश और हत्या को साबित करने के लिए काफी नहीं थे।
2005 में मारा गया था सोहराबुद्दीन शेख
आपको बता दें कि गुजरात एटीएस और राजस्थान एसटीएफ ने 26 नवंबर 2005 को अहमदाबाद के नजदीक एक एनकाउंटर में मध्य प्रदेश के अपराधी सोहराबुद्दीन शेख को मार गिराया था। इसके एक साल बाद 28 दिसंबर 2006 को सोहराबुद्दीन के सहयोगी तुलसीराम प्रजापति को भी एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था। 2010 से इस मामले की जांच सीबीआई कर रहा था।