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देवास. साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत औद्योगिक थाना पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 लाख रुपए नकद, 19 मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की है, जबकि 13 लाख रुपए की ठगी की राशि फ्रीज कराई गई है। रविवार को पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने पत्रकारवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया।
एसपी गेहलोद ने बताया कि 8 जनवरी को औद्योगिक थाना क्षेत्र से म्यूल अकाउंट ऑपरेट होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गंगानगर स्थित श्रीजी होटल में दबिश दी, जहां एक कमरे से साइबर फ्रॉड में लिप्त 5 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों में मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन (दमोह), पीयूष बिल्लोरे (इंदौर), शुभम जोशी (राजस्थान), आशीष उर्फ गोलू जैन (दमोह) और गौरव जैन (सिवनी) शामिल हैं।
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट खंगाले गए। इसमें सामने आया कि आरोपी मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन के दो करंट खातों में करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है, जिसका कोई वैध स्रोत या स्पष्टीकरण आरोपी नहीं दे सके। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे ऐसे साइबर ठगों के लिए काम करते थे, जो टेलीग्राम के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर देशभर के लोगों से रकम ठगते थे और म्यूल खातों के जरिए ट्रांजेक्शन कराकर फरार हो जाते थे।
डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने गिरोह के 4 सीनियर एजेंटों को भी गिरफ्तार किया, जो युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार एजेंटों में मंजीत भाटी, नितेश बिरला, जितेंद्र उर्फ जीतू उर्फ लेफ्टी और शुभम उर्फ शुब्बू परमार (सभी निवासी इंदौर) शामिल हैं।
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