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रीट परीक्षा​र्थियों को नहीं मिली रोडवेज बसें, घंटों तक बस स्टैण्ड पर खड़े रहे
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रीट परीक्षा​र्थियों को नहीं मिली रोडवेज बसें, घंटों तक बस स्टैण्ड पर खड़े रहे

दौसा. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की गई रीट परीक्षा के चलते शुक्रवार को शहर में हर तरफ अभ्यर्थियों का रेला नजर आया। सुबह 6 बजे से दोपहर 3 तक सडक़ों पर रीट परीक्षा के लिए आने-जाने वाले अभ्यर्थी दिखे। शहर के प्रमुख मार्गों में बार-बार जाम की स्थिति बनी। हालांकि बड़ी संख्या […]
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दौसा. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की गई रीट परीक्षा के चलते शुक्रवार को शहर में हर तरफ अभ्यर्थियों का रेला नजर आया। सुबह 6 बजे से दोपहर 3 तक सडक़ों पर रीट परीक्षा के लिए आने-जाने वाले अभ्यर्थी दिखे। शहर के प्रमुख मार्गों में बार-बार जाम की स्थिति बनी। हालांकि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में जुटे रहे, लेकिन परीक्षा समाप्त होने पर एक साथ हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होने के चलते इंतजाम बौने नजर आए। खासकर आगरा रोड से लेकर गांधी तिराहा तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे।

अभ्यर्थियों के लिए सरकार ने रोडवेज बसें तो फ्री कर दी, लेकिन उनकी संख्या में इजाफा कम किया। इसके चलते बस स्टैण्ड पर हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों को घंटों तक गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार करना पड़ा। जो भी रोडवेज बस स्टैण्ड पर आई, वह सेकण्डों में ही ठसाठस भर गई। रेलवे स्टेशन पर भी अभ्यर्थियों का जमावड़ा रहा। ट्रेनों में भी दौसा स्टेशन से चढ़े अभ्यर्थियों को जगह नहीं मिली।

युवतियां तो बस में चढ़ ही नहीं सकी

बस स्टैण्ड व बायपास पर बस आते देख कर परीक्षार्थियों की भीड़ बस में चढऩे को दौड़ पड़ी। पहले अंदर घुसकर सीट के लिए परीक्षार्थी जद्दोजहद करते नजर आए। ऐसे में महिला अभ्यर्थी व युवतियां तो बस में प्रवेश ही नहीं कर सकी। धक्का-मुक्की कर युवक पहले जा बैठे। बस स्टैण्ड पर अभ्यर्थियों को व्यवस्थित करने के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किए गए थे।

आम यात्री हुए परेशान

शहर में रीट परीक्षा समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों की भारी भीड़ होने से अन्य यात्रियों को भारी समस्या हुई। भरतपुर के लिए बस की प्रतीक्षा करते हुए महेश अपनी पत्नी सीमा व दो बच्चों के साथ एक घंटे से खड़ी बस भरते हुए देख रहे थे, लेकिन उन्हें जगह नही मिली। उन्होने बताया कि बस आते ही भर जाती हैं। स्वाति महुवा की बस के लिए काफी देर से प्रतीक्षा कर रही थी। राजेन्द्र एक घंटे बाद भी जयपुर जाने वाली बस में मशक्कत के बाद भी अंदर नहीं घुस पाया।