
डूंगरपुर (ओबरी) . डूंगरपुर-सागवाड़ा मुख्य मार्ग पर मोरन नदी के किनारे भेड़माता मंदिर परिसर में डोजा ग्राम पंचायत की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मेला अंतिम दिन चरम पर रहा। मेलार्थियों ने कुल देवी माता के साथ सत् गादी व सुराता के रोत परिवार की ओर से मंदिर परिसर में स्थापित वाल्मिकी गादी के भी दर्शन किए और धर्म ध्वजाएं चढ़ाई। इस अवसर पर भेड़ माता को नवीन पोशाक धारण करवा कर मनोहारी शृंगार किया गया। दिनभर पूजा-अर्चना व आरती का दौर चला। मंदिर परिसर में स्थापित धुणी पर स्थानीय भजन मंडलियों ने लोक वाद्य यंत्रों की धूनों पर भक्ति रस बरसा कर फिजाओं में भक्ती में भक्ति का रंग घोल दिया। आदिवासी लोकगीतों पर वागड़ वन वनिताएं व युवक वागड़ी लोक गीतों की स्वर लहरियों तथा अलगोजों की धून पर थिरकते नजर आए। तीन दिन चले मेलें में गुजरात एवं मध्य प्रदेश की सीमा से सटे गांवों सहित वागड़ के दोनों जिलों के गांवों के हजारों लोगों ने भी शिरकत की।
जमकर हुई खरीदारी
मेले में लोगों ने घरेलु सामान के साथ सौन्दर्य प्रसाधन, खिलौने खेती में काम आने वाले औजार, पारंपरिक अस्त्र.शस्त्रों की जमकर खरीदारी की।
डोजा सरपंच गटूलाल रोत, उपसरपंच कंकु रोत, भेड़माता मेला कमेटी के अध्यक्ष गमेती विजयपाल रोत, भेड़माता मेला सचिव राजमल रोत पीपलागूंज, रतनलाल रोत, पूर्व सरपंच मोतीलाल रोत, डोजा ग्राम विकास अधिकारी लीला बूज, तेजबहादूर रोत, पटवारी गीता मनात, कृषि पर्यवेक्षक रमेशचंद्र कटारा, आंतरी सरपंच देवीलाल खराड़ी ने मेले का जायजा लिया और भेड़माता के दर्शन किए।