
दुर्ग. भिलाई में डेंगू से 26 दिनों में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू के कहर ने लोगों को इतना सशंकित कर दिया है कि किसी दूसरी वजह से हुई मौत को भी डेंगू से मौत मान लिया जाता है। एक ऐसा ही मामला दुर्ग में रविवार को सामने आया। शाम को सिकोला बस्ती शिव मंदिर के पास रहने वाली प्रमिला यादव (37 वर्ष) की मौत हो गई। सोशल मीडिया में प्रमिला की मौत डेंगू से होने खबर वायरल हो गई। कह गया कि प्रमिला को तीन दिन से बुखार था। धमधा नाका के नीचे एक अस्पताल में उसे दाखिल कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने डेंगू बताया और जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्रमिला ने जिला अस्पताल ले जाने के दौरान बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजन ने हरनाबांधा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया।
महिला के पति ने डेंगू से मौत को इनकार किया
मामला गंभीर था। दुर्ग में कई लोग डेंगू पॉजीटिव मिले हैं पर किसी की मौत नहीं हुई है। पत्रिका ने असलियत जानने के लिए मृतक महिला के घर जाकर परिजन से बात की। मृतक महिला प्रमिला के पति नंद कुमार यादव ने डेंगू की वजह से मौत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उसकी पत्नी करीब तीन माह से बीमार थी। इलाज चल रहा था। लगातार बीमार रहने के कारण वह बहुत कमजोर हो गई थी।
पार्षद बोले ब्लड जांच नहीं करवाया
सिकोला बस्ती के पार्षद डी प्रकाश का कहना है कि परिजन ने प्रमिला का ब्लड जांच रिपोर्ट नहीं होने की बात कही है। ब्लड सैंपल की जांच की गई होती को कारण स्पष्ट होता। इसलिए डेंगू से मौत का दावा नहीं कर सकते। लोग डेंगू से मौत की आशंका जरूर जता रहे हैं। जहां इलाज हो रहा था वहां के चिकित्सकों ने ब्लड जांच करवाने के लिए क्यों नहीं कहा यह तो वे ही पता पाएंगे।
हालात ऐसा कि ब्लड टेस्ट का भी मौका नहीं
प्रमिला को जब जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था तब उसकी हालत नाजुक थी। परिजन के मुताबिक रास्ते में हालत और बिगड़ गई। जिला अस्पताल भी नहीं पहुंच सके। इसलिए जिला अस्पताल में बल्ड की जांच करवाने का मौका ही नहीं मिला।
दो बच्चों की मां थी प्रमिला
प्रमिला के दो बच्चे हैं। बड़ी लड़की 18 वर्ष की है। लड़का 16 साल का है। दोनों अभी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। वहीं पति नंद कुमार यादव इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ परिवार से अलग रहता है। प्रमिला घर संभालती थी। अब पत्नी की मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी नंदकुमार के कंधे पर आ गई है।